एक साथ नहीं हो सकती आतंकवाद और बातचीत, सेनाप्रमुख ने चेताया

सेनाप्रमुख बिपिन रावत ने सालाना प्रेस वार्ता के दौरान कश्मीर में अलगाववादी ताकतों के साथ बात करने पर दो टूक राय रखी है। रावत ने कहा कि हम बात करने से इंकार नहीं कर रहे लेकिन आतंक के साथ बातचीत नहीं हो सकती। सेनाप्रमुख ने कहा कि जब तक वो लोग हथियार नहीं छोड़ेंगे और दूसरे देश से सहायता लेना बंद नहीं करेंगे तब तक बात नहीं हो सकती। उन्हें पश्चिमी सीमा क्षेत्र से मिलनेवाली मदद को बंद करना होगा और हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा।
सेनाप्रमुख ने यह भी कहा कि सेना ने चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर बेहतर तरीके से स्थिति को संभाला है और चिंता का कोई कारण नहीं होना चाहिए। रावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति को और सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए हम केवल समन्वयक हैं। हमने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति बेहतर तरीके से संभाली है। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए।