एचआईवी से बढ़ रही मौतें, हालात चिंताजनक

देशभर में एचआईवी जैसी लाइलाज व जानलेवा बीमारी के निर्मूलन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। महाराष्ट्र में भी एचआईवी/एड्स से ग्रसित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा किया गया लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। अप्रैल २०१८ से फरवरी २०१९ तक अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में सबसे अधिक एचआईवी से मौत हुई है, खासकर ग्रामीण क्षेत्र में। दुर्भाग्य की बात यह है कि एचआईवी से होनेवाली मृत्यु के मामले में टॉप पर रहनेवाले आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को महाराष्ट्र ने इस बार पछाड़ दिया है।
बता दें कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होनेवाले हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से मिले आंकड़ों के अनुसार अप्रैल २०१७ से लेकर २८ फरवरी २०१८ तक महाराष्ट्र में एचआईवी से होनेवाली मौत के मामले में पहले स्थान पर आंध्र प्रदेश १,३९०, दूसरे स्थान पर कर्नाटक १,७१९ और १,३६१ मौत के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर था। हालांकि अप्रैल २०१८ से लेकर २८ फरवरी २०१९ तक की बात करें तो एचआईवी से होनेवाली मौतों के मामले में महाराष्ट्र इस बार टॉप पर है। महाराष्ट्र में कुल १ हजार ५०९ मरीजों ने एचआईवी के चलते अपनी जान गंवाई है जबकि आंध्र प्रदेश में १ हजार ४२८ और कर्नाटक में १ हजार ३८८ मरीजों की मौत हुई थी। आंकड़े साफ दर्शा रहे हैं कि महाराष्ट्र में एचआईवी से होनेवाली मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। गौर करनेवाली बात यह है कि २०१८-१९ में एचआईवी से होनेवाली मौतों में ८८ मौतें शहर में हुई हैं जबकि १,३९० मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में हुई हैं। मौत के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए एचआईवी के साथ जी रहे व टीबी-एचआईवी कार्यकर्ता गणेश आचार्य ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि मौत के बढ़ते आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। पिछले दो वर्ष से ‘ट्रेस एंड ट्रीट’ यानी मरीज को ढूंढने और इलाज करने की मुहिम चलाई जा रही है। ऐसे में मौत के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी यह दर्शाती है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक उपचार केंद्रों में अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा होने के चलते मरीजों को जिला अस्पतालों के धक्के खाने पड़ते हैं।
इस संदर्भ में पूछने पर महाराष्ट्र जिला नियंत्रण एड्स सोसायटी के प्रमुख तुकाराम मुंडे ने कहा कि वे गुजरात में चुनावी ड्यूटी पर हैं और उनके पास इन आंकड़ों की जानकारी नहीं है। आंकड़े देखने के बाद ही प्रतिक्रिया देने की बात उन्होंने कही।