एनकाउंटर के बावजूद यूपी में अपराधियों का तांडव जारी

यूपी पुलिस के ताबड़तोड़ एनकाउंटर के बावजूद अपराधियों में खौफ नजर नहीं आ रहा है. शहर-शहर बेलगाम अपराधी तांडव मचा रहे हैं. 9 अक्टूबर से 10 अक्टूबर की ही बात करें तो जितनी हत्याओं की वारदात सामने आई है, उससे विपक्ष को कानून- व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने का मौका मिल गया है. आपराधिक वारदातों को लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस व बसपा सूबे की योगी सरकार पर आक्रामक है.

पिछले 24 घंटे में यूपी के अलग-अलग जिले में 11 लोगों की हत्याओं से पुलिस पर सवाल उठाना लाजमी है. भाजपा व कांग्रेस के युवा नेता समेत 11 हत्याओं से अपराधियों के बेख़ौफ़ होने का अंदाजा लगाया जा सकता है. उपचुनाव से पहले विपक्ष को मिले इस मुद्दे से सरकार भी असहज नजर आ रही है.

जौनपुर में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या, बस्ती में बीजेपी नेता कबीर तिवारी की गोली मारकर हत्या, बलिया में मछुआरे की पीट-पीटकर हत्या, कानपुर में यूथ कांग्रेस नेता की हत्या, मैनपुरी के औंछा थाना क्षेत्र में दो पक्षों में फायरिंग में एक की मौत और 7 घायल, गाजीपुर में एक युवक की चाकू मारकर हत्या, शामली में एक नाबालिग किशोरी की हत्या हुई. लखनऊ में महिला का गला रेता गया, जिसका गंभीर हालत में इलाज चल रहा है. लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज में रेस्टोरेंट मालिक प्रफुल्ल पांडेय पर जानलेवा हमला भी हुआ.

कुशीनगर में दैनिक अख़बार के पत्रकार राधेश्याम शर्मा की गला रेतकर हत्या, अमरोहा में प्रधान के बेटे की गोली मारकर हत्या, गोंडा में महिला का शव मिला, रेप के बाद हत्या की आशंका और बुलंदशहर में पीट-पीट कर एक शख्स की हत्या हुई.

लगातार हो रही हत्याओं व आपराधिक घटनाओं से पुलिस प्रशासन और सरकार विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट कर लिखा, “उत्तर प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं. सरकार अपराधों को रोकने में पूर्णतः विफल है. बस्ती में छात्र नेता व कानपुर में यूथ कांग्रेस के हमारे साथी की हत्या उत्तर प्रदेश की सच्चाई बयां कर रही है.

उधर बसपा प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर लिखा, “यूपी की राजधानी लखनऊ में खुलेआम अपराध जारी है. तो फिर अन्य जिलों की स्थिति समझी जा सकती है. फर्जी एनकाउंटर को लेकर भी जनता में काफी रोष और बेचैनी है. यूपी में कानून का नहीं अपराधियों का जंगलराज चल रहा है. सरकार तुरंत ध्यान दे.”