एमएमएमओसीएल के हाथ में मोनो-मेट्रो की चाबी

महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमएमओसीएल) को हाल ही में कार्पोरेट अफेअर्स मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिली है। इस मंजूरी के साथ ही अब एमएमएमओसीएल के हाथों मुंबई की मेट्रो और मोनों का परिचालन व रखरखाव होगा।
जानकारी के मुताबिक एमएमएमओसीएल के लिए १ हजार से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। साथ ही यह कंपनी अपने हिसाब से मोनो और मेट्रो का परिचालन एमएमआर में करेगी। इतना ही नहीं यह कंपनी ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों की व्यवस्था, किराया, यात्री सेवा, सुरक्षा व्यवस्था व किराया वृद्धि की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा कुल ट्रेनों का बेड़ा, सिग्नलिंग, टेलीकॉम प्रणाली, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, ट्रॅक्शन, बिजली आपूर्ति, पर्यावरण नियंत्रण और वातानुकूलित व्यवस्था के लिए भी कंपनी ही जिम्मेदार रहेगी। एमएमआरडीए के कमिश्नर आरए राजीव ने बताया कि हाईब्रिड ऑपरेशन एंड मेटेंनेंस पद्धति का इस्तेमाल हम कंपनी चलाने के लिए करेंगे। ऐसे में व्यवस्था, रोलिंग स्टॉल, सिग्नलिंग जैसी सुविधाओं का प्रशिक्षण देना सरल होता है। इसके अलावा हाउसकीपिंग, टिकटिंग, ग्राहक सेवा पार्किंग आदि सुविधाओं के लिए ठेका पद्धति पर काम कराना संभव होगा। गौरतलब है कि दिल्ली, बंगलुरु, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, चेन्नई, हैदराबाद और मुंबई में हाईब्रिड पद्धति से मेट्रो का संचालन व व्यवस्थापन किया जाता है। ज्ञात हो कि मुंबई में २७५ किमी से अधिक मेट्रो जाल बिछाने का लक्ष्य है।