एमपी में स्वाइन फ्लू का कहर जारी, अब तक ७१ लोगों ने तोड़ा दम

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बता दें कि इस साल प्रदेश में अब तक ७१ लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल में स्वाइन फ्लू से पीड़ित दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। हमीदिया अस्पताल और रेडक्रास अस्पताल में दो महिला मरीजों की मौत हो गई, वहीं इंदौर में भी स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत हो गई है। एक जनवरी से आठ मार्च के बीच ५१५ मरीजों के सैंपल भेजे गए, जिनमें इंदौर के ७० मरीज और अन्य जिलों के ३६ मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए।

बता दें कि स्वाइन फ्लू से भोपाल में अब तक २० मरीजों की मौत हो चुकी है, वहीं इंदौर में अब तक ३३ मरीजों ने दम तोड़ दिया है। इंदौर में स्वास्थ्य विभाग ने २५ नए स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा है। इन २५ मरीजों को मिलाकर करीब ६३ मरीजों की रिपोर्ट पेंडिंग बताई जा रही है। सिर्फ इंदौर में अब तक कुल ५४० मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। विशेषज्ञों ने स्वाइन फ्लू के कुछ लक्षण बताए हैं, अगर ऐसे लक्षण दिखें तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है। बुखार, नाक बहना, भूख न लगना, थकान महसूस होना, गले में खराश, खांसी, उल्टी और चक्कर आना या बेहोश होना स्वाइन फ्लू के प्रारंभिक लक्षण हैं, वहीं विशेषज्ञों ने स्वाइन फ्लू से बचने के लिए कुछ एहतियात बरतने की भी सलाह दी है। मसलन छींकते और खांसते वक्त नाक और मुंह ढक लें, मास्क न हो तो कपड़ों का इस्तेमाल करें, सफाई का खास ध्यान रखें, पूरी नींद लें और एक्सरसाइज करें।