एमबीएमसी का बजट घोषित! सबको साधा पर आधा-आधा, योजनाओं पर फंंड का टंटा

मीरा-भाइंदर महानगरपालिका ने साल २०१९-२०२० के लिए १,६६८ रुपए का बजट पेश किया। इस बजट में सभी योजनाओं को कुछ न कुछ राशि आबंटित हुई है लेकिन वह इतनी नहीं है कि योजना पूरी हो पाए। लिहाजा नगरसेवक यही कह रहे हैं कि प्रशासन ने सबको साधा पर आधा-आधा।
मीरा-भाइंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) महासभा में शनिवार को प्रशासन द्वारा स्थाई समिति में १,५६८ करोड़ ४ लाख रुपए का अनुमानित बजट पेश किया, जिसमें ११३ करोड़ १४ लाख रुपए की वृद्धि करते हुए सदन ने १,६८१ करोड़ १८ लाख रुपए के आर्थिक बजट को वर्ष २०१९-२० लिए मंजूरी दे दी। इस बजट में अस्पताल के मद में जहां फंड कटौती की गई है, वहीं बाजार वसूली से होनेवाली आमदनी का आंकड़ा पुराना ही रखा गया है। जिसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब आमदनी के सभी स्रोतों की वसूली में इजाफा किया गया है तो बाजार की वसूली पर राहत क्यों?
बजट की मुख्य बातें 
अतिरिक्त सीसी रोड निर्माण के लिए १३० करोड़ रुपए
हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख श्री बालासाहेब ठाकरे-प्रमोद महाजन आर्ट गैलरी के लिए १५ करोड़ रुपए का प्रावधान
अग्निशमन विभाग के लिए ऊंची सीढ़ी खरीदी हेतु १७ करोड़ रुपए
शहर में सीसीटीवी लगाने हेतु १० करोड़ रुपए
बीएसयूपी योजना पूर्ण करने हेतु २० करोड़ रुपए
नई बस खरीदने हेतु २ करोड़ रुपए
उर्दू स्कूल के लिए १ करोड़ रुपए
महिला व बाल कल्याण समिति के लिए ५ करोड़ रुपए
स्कूल निर्माण हेतु ३ करोड़ रुपए
बड़ी योजनाओं पर अमल कठिन
शहर में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के बोझ से जो योजनाएं आमदनी को ध्यान में रखकर लागू की गई थीं, वे फलीभूत नहीं हो पाई हैं। जिसके कारण बढ़ती आबादी के अनुपात में कई नई योजनाओं को लागू करने का क्रम जारी है लेकिन मनपा की मर्यादित आय को देखते हुए बड़ी योजनाओं को लागू करना कठिन हो रहा है। भविष्य में ऐसी योजनाओं पर खर्च बढ़ने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है।
मनपा आयुक्त द्वारा स्थाई समिति में पेश किए गए अनुमानित आर्थिक बजट का हमने स्वागत और समर्थन किया था लेकिन सत्ताधारियों ने इसमें अप्रत्याशित रूप से वृद्धि की है। इस आर्थिक बजट में शिवसेना की तरफ से भी कुछ सुझाव दिए गए थे, जिसको समाहित नहीं किया गया इसलिए शिवसेना इस बजट का विरोध करती है। 
राजू भोईर (नेता विपक्ष)