एमबीएमसी के क्रिकेट में फंड ‘ऑल आउट’, शिवसेना ने किया विरोध

प्रचार के चस्के में मीरा-भाइंदर मनपा ‘महापौर चषक’ खेलने जा रही है, जबकि शहर के विकास कार्यों के लिए मनपा की तिजोरी में पैसा ही नहीं है। जिसके कारण कई परियोजनाएं रेंग रही हैं तो कई के ठेकेदार हाथ खींच चुके हैं। हालत यह है कि एमबीएमसी के क्रिकेट में जनोपयोगी विकास कार्यों का  बचा-खुचा फंड सत्ताधारी ‘ऑल आउट’ कर चुके हैं। हालांकि विपक्ष में बैठी शिवसेना ने इसका कड़ा विरोध किया है।
‘सीएम चषक’ खत्म होते ही मीरा-भाइंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) द्वारा ‘महापौर चषक’ का आयोजन किया गया है। इस स्पर्धा के लिए करोड़ों रुपए का खर्च होना है। जो एमबीएमसी की तिजोरी से लिया जाएगा। वैसे एमबीएमसी की तिजोरी में विकास कार्यों के लिए ही पैसे नहीं हैं लेकिन जो बचे-खुचे पैसे हैं, उनमें से एक करोड़ रुपए निकालकर सत्ताधारी नागरी सुविधाओं से वंचित शहरवासियों को खेल खिलाएंगे। महापौर चषक ७ जनवरी से १३ जनवरी तक चलेगा। इसके लिए एक करोड़ रुपए का बजट बनाया गया है। इस स्पर्धा को फिजूलखर्ची बताते हुए एमबीएमसी  में शिवसेना विरोधी पक्ष नेता राजू भोईर ने विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी। मीरा-भाइंदर मनपा पहले से ही कर्ज में डूबी है, जिसके चलते मीरा-भाइंदर मनपा के बहुत से जरूरी उपक्रम ठप हैं।
चषक का चस्का, विकास काम अटका
शहर में कई परियोजनाएं हैं जो फंड के अभाव में बंद हैं या सेवाएं ठप हो गई हैं। जिसमें एमबीएमसी अस्पताल में उपचार संबंधित कई मशीनें, उपकरण नहीं हैं। शहर के परिवहन उपक्रम की हालत खराब है। उत्तन स्थित घनकचरा प्रकल्प, भूमिगत नाले की योजना ठप है। बीएसयूपी योजना पूरी न होने से कई परिवार बेघर हैं।