एमबीएमसी में टायर घोटाला, दाम नए का, खरीदा पुराना

मीरा-भाइंदर महानगरपालिका के परिवहन विभाग की कुछ बसों के टायर खराब हो जाने के कारण नए टायर खरीदे गए थे। परिवहन विभाग के उपायुक्त दीपक पुजारी तथा अधिकारी मंजरी डिमेलो ने जब इसकी जांच की तो नए टायर के बदले पुराने टायर ही खरीदने का मामला उजागर हुआ है।
मीरा-भाइंदर मनपा द्वारा वर्ष २०१५ से कई चरणों में ५८ बसें खरीदी गई थीं। बसों के टायर खराब होने की शुरुआत वर्ष २०१६ से ही हो गई थी। विगत कई माह से टायर नहीं बदले जाने के कारण करीब १२ बसें मीरा रोड के बस पार्किंग में खड़ी कर दी गई थीं। बस के टायर पूरी तरह खराब हो जाने के कारण सड़क पर चलते समय कोई दुर्घटना नहीं हो इसलिए मनपा प्रशासन ने ऐसा निर्णय लिया था।

आखिर फरवरी २०१७ में नए टायर खरीदने के लिए निविदा प्रक्रिया के तहत मेसर्स साईं टायर्स प्रा. लि. नामक कंपनी को ठेका दिया गया। उस समय साधारण बस के लिए ६० और मिनी बस के लिए ३६ टायर २१ से २७ हजार रुपए में खरीदे गए थे लेकिन प्रत्यक्ष में उस समय भी नए टायर खरीदे गए अथवा नए टायर की जगह पुराने टायर की आपूर्ति की गई थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका था। विगत तीन वर्षों में टायर खरीदी और बस की मरम्मत के नाम पर करीब ३ करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए।
कामगार सेना ने परिवहन विभाग में चल रहे घोटालों की जांच की मांग भी की थी परंतु उस पर ध्यान नहीं दिया गया था।

हाल ही में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी उपायुक्त दीपक पुजारी को सौंपी गई है। पुजारी ने परिवहन अधिकारी डिमेलो के साथ जब औचक जांच की तो नए टायर की जगह पुराने टायर की ही आपूर्ति किए जाने का मामला उजागर हुआ। पुजारी ने टायर आपूर्ति करनेवाले को तुरंत टायर बदलने और इसकी जांच के आदेश दिए हैं। पुजारी ने बताया कि इसकी रिपोर्ट मनपा आयुक्त बालाजी खतगावकर को सौपेंगे। आयुक्त ही इस पर उचित निर्णय लेंगे।