`एसआरए अधिकारी बिल्डरों के पेरोल पर हैं’

बिल्डरों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए शिवसेना द्वारा बनाई गई मुंबई उपनगर एसआरए महासंघ की एसआरए में आयोजित पहली सभा में ही अधिकारियों और बिल्डरों की कलई खुल गई। न्यू महाकाली नगर सहकारी गृह निर्माण संस्था में हुए भ्रष्टाचार और ५६१ निवासियों को फंसानेवाले बिल्डर पर कानूनी कार्रवाई का आदेश विनोद घोसालकर ने दिया है। बिल्डर ने पांच मंजिल अवैध रूप से बनाकर लोगों को बेच दिया है। वहीं १३ करोड़ रुपए मनपा का असेसमेंट टैक्स बकाया रखने के चलते अभी तक एसआरए निवासियों को पानी भी नहीं मिल पा रहा। सभा में विनोद घोसालकर ने एसआरए अधिकारियों की जमकर खबर ली।
गौरतलब है कि मुंबई व उपनगर में हजारों एसआरए निवासी बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं। इनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए शिवसेना ने मुंबई उपनगर एसआरए महासंघ बनाया है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसकी जिम्मेदारी रिपेयर बोर्ड के सभापति विनोद घोसालकर को दी है। घोसालकर ने कल बांद्रा एसआरए कार्यालय में पहली सभा रखी थी। जिसमें न्यू महाकाली नगर सहकारी गृहनिर्माण संस्था मालाड का मामला सामने आया, इसमें बिल्डर ने ५६१ लोगों की बनी सोसायटी में लूट-खसोट, भ्रष्टाचार की सारी हद पार कर दी। विधि डेवलपर ने निवासियों का १२ करोड़ रुपए किराया नहीं दिया है। ३१० लोग अभी भी बेघर हैं। १३ करोड़ रुपए मनपा का बकाया होने के नाते पानी मनपा नहीं दे रही और लोग टैंकर का पानी पीने को मजबूर हैं। विनोद घोसालकर ने जमकर अधिकारियों की खबर ली, सभा में ही उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी बिल्डर के पेरोल पर हैं। जानबूझकर एसआरए के अधिकारी वर्षों वर्ष पात्र-अपात्र के जाल में निवासियों को फंसाकर रखते हैं। विनोद घोसालकर ने पत्रकारों से कहा कि पूरे मुंबई में ३५० सोसायटियां इसी प्रकार की हैं। बिल्डरों की मनमानी के चलते किसी को किराया नहीं मिला, कहीं लिफ्ट बंद, कई लोग पात्र-अपात्र में फंसे हैं। घोसालकर के आदेश के बाद एसआरए के मुख्य अधिकारी दीपक कपूर ने बिल्डर पर एमआरटीपी के तहत कार्रवाई का आदेश दिया है, साथ ही जल्द मनपा का पैसा भर निवासियों के पानी का प्रबंध करने का आदेश दिया है।