" /> कटघरे में कोहली

कटघरे में कोहली

लीजिए अब टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली कटघरे में खड़े कर ही दिए गए हैं। उनके ऊपर एक मामला है, जिसमें कोहली द्वारा उल्लंघन का जिक्र है। दरअसल, मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने बीसीसीआई के एथिक्स अधिकारी डीके जैन को पत्र लिखकर यह शिकायत भेजी है कि विराट कोहली ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों का उल्लंघन किया है। इस ईमेल में यह कहा गया है कि विराट एक  साथ दो पद पर हैं और यहां हितों का टकराव हो रहा है। एक तरफ वो टीम के खिलाड़ी और कप्तान है और साथ ही साथ वो एक स्पोर्ट्स मार्केटिंग कंपनी में भी डायरेक्टर के पद पर हैं जो टीम के ही कुछ खिलाड़ियों को मैनेज भी करते हैं। इस पर बीसीसीआई ने अपनी राय भी दी है। बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता ने आगे आरोप लगाया और कहा कि यह बीसीसीआई के नियम ३८ (४) का सरासर उल्लंघन है, जिसे देश के सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। ईमेल में लिखा गया है कि ये बीसीसीआई के नियमों के खिलाफ है और इसलिए उन्हें कह दिया जाए कि वो एक पद से खुद को हटा लें। या तो कप्तानी चुनें या डायरेक्टर बने रहें। इस पूरे मामले पर बोर्ड के एक अधिकारी ने बीते कुछ सालों से आ रही शिकायतों को लेकर कहा कि इनका पैटर्न एक है और साथ ही कहा है कि यह उथल-पुथल मचाने और उन लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश है, जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है। अधिकारी ने आगे कहा कि एक बार आप जब शिकायतों को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि यह शिकायतें प्रेरित हैं। कोई न कोई बीसीसीआई अधिकारियों को घेरने की कोशिश कर रहा है और अब वह टीम के कप्तान को किसी कारण से घेर रहा है। जो बीते छह साल में हुआ है, यह पैटर्न साफ दिखाई दे रहा है। आप ईमेल और उसकी भाषा को देख लीजिए, यह साफ पता चल रहा है कि यह सफल लोगों के दामन पर दाग लगाने की कोशिश है। इसके पीछे कोई न कोई प्रेरणा है। इस तरह की शिकायत के लिए वैधस्थिति का अधिकार जरूरी है। नहीं तो इस तरह के इमेल का कोई अंत नहीं होगा।