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कभी सुसाइड का सोचा था

इन दिनों डिप्रेशन से बाहर आकर स्वस्थ होने तथा लोगो को जागरूक बनाने के लिए उन दिग्गजों का भी उपयोग किया जा रहा है जिन्होंने कभी ऐसे नकारात्मक विचार अपने दिमाग में लाकर गलत कदम उठाने चाहे। मगर इसे शुक्र कहें समय का कि उनके कदम वापिस लौट आए। जी हां, ये बीमारी दुनियाभर में फैली हुई है। डिप्रेशन बहुत आम मानसिक बीमारी है जिसमें अच्छे से अच्छा व्यक्ति भी फंस सकता है इसलिए इससे बचने की जरूरत है। टीम इंडिया के लिए ८४ मैच खेल चुके तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने  डिप्रेशन से दूर रहने पर जोर देते हुए बताया है कि वो खुद खुदकुशी के लिए निकल पड़े थे। प्रवीण ने बताया कि आठ सालों से टीम इंडिया में वापसी के इंतजार ने उन्हें इतना निराश कर दिया था कि एक दिन वो आत्महत्या करने के लिए निकल गए, मगर बच्चों की फोटो देखने के बाद उनका विचार बदल गया और अब वह इलाज करवाने लगे। स्विंग के बादशाह रहे प्रवीण कुमार चाहते हैं कि लोगों को बहुत जरूरत है कि उन्हें सही काउंसिलिंग मिले। ये एक आम रोग है। आदमी को खुद पर विश्वास होना जरूरी है। सकारात्मकता ही जीवन का आनन्द देती है।