" /> कमलनाथ का इस्तीफा  शिवराज का डिनर!, कांग्रेस सरकार का पेश किया रिपोर्ट कार्ड

कमलनाथ का इस्तीफा  शिवराज का डिनर!, कांग्रेस सरकार का पेश किया रिपोर्ट कार्ड

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के २२ विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कल शाम तक कांग्रेस को फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करना था। नंबर कम होने की वजह से कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया। कमलनाथ के इस्तीफे के बाद से ही भाजपा खेमे में हलचल शुरू हो गई है और शिवराज ने भाजपा विधायकों को डिनर पर बुलाया था।

कमलनाथ के इस्तीफे के बाद अब सवाल ये उठ रहा है कि मध्य प्रदेश में भाजपा की ओर से अगला चेहरा कौन होगा? शिवराज या कोई और? इसी बीच खबर ये है कि शिवराज सिंह ने सभी विधायकों को खाने पर बुलाया है। माना जा रहा है कि वहां पर आगे की रणनीति पर विचार होगा। वैसे तो अधिकतर लोग यही मान रहे हैं कि शिवराज सिंह चौहान ही फिर से विधायक दल के नेता होंगे और मुख्यमंत्री बनेंगे। विधायकों के डिनर पर बुलाकर शिवराज ने सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश शुरू भी कर दी है। बता दें कि कमलनाथ ने इस्तीफा देने से पहले अपने १५ महीनों के का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था और कहा कि भाजपा शुरू से ही उनके खिलाफ साजिश कर रही थी। वैसे कमलनाथ इससे पहले तक कहते रहे कि उनके पास बहुमत है लेकिन कमलनाथ के इस्तीफे से कुछ समय पहले ही दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया था कांग्रेस के पास नंबर कम हैं।

कमलनाथ ने साधा भाजपा पर निशाना
भोपाल। पिछले एक पखवाड़े से मध्य प्रदेश में चल रहा सियासी ड्रामा सीएम कमलनाथ के इस्तीफे के बाद खत्म हो गया है। हालांकि इस्तीफा देते हुए कमलनाथ ने इशारों-इशारों में भाजपा को कुछ संकेत भी दे गए। अपने विदाई भाषण में कमलनाथ ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को कांग्रेस के विकास वाले काम नहीं भा रहे थे और उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। कमलनाथ ने इस्तीफा देते हुए कुछ ऐसी लाइनें भी बोलीं जो राज्य में भविष्य की राजनीति और भाजपा से बदले का संकेत भी दे गया। कमलनाथ के इस बयान को भाजपा के लिए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

१६ विधायकों के इस्तीफा मंजूर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कांग्रेस के बाकी बचे हुए सभी १६ बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिए। इससे पहले प्रजापति कांग्रेस के छह बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर चुके हैं। इस प्रकार अब सभी २२ बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो गए हैं। इनमें से अधिकांश कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। प्रजापति ने बताया कि उन्होंने १६ बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।

फ्लोर टेस्ट से पहले बोले दिग्गी कमलनाथ सरकार के पास नंबर नहीं

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बचेगी या वहां बीजेपी का कमल खिलेगा, इसका फैसला आज शाम ५ बजे तक हो जाएगा। विधानसभा का विशेष सत्र २० मार्च को दोपहर दो बजे बुलाया गया है। लेकिन इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि २२ विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार के पास नंबर नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के दमपर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है।