" /> कमलनाथ की कुर्सी बचाएगा कोरोना!

कमलनाथ की कुर्सी बचाएगा कोरोना!

 फ्लोर टेस्ट पर संशय
 कमलनाथ ने की बैठक
 विधायकों की सुरक्षा अहम

मध्य प्रदेश में इन दिनों सियासी तूफान तो चल ही रहा है, कोरोना का डर भी पैâला है। इसका असर राजनीति पर भी देखा जा रहा है। दरअसल सोमवार को राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है। हालांकि कोरोना के डर के चलते अभी तक इस बात का पैâसला नहीं हो सका है कि सदन का सत्र होगा भी या नहीं। राज्य के वैâबिनेट ने इस बात पर चर्च की है कि अलग-अलग शहरों से आनेवाले विधायकों को कोरोना के लिए टेस्ट किया जाएगा।
निर्दलीय विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रदीप जायसवाल ने वैâबिनेट मीटिंग के बाद दावा किया कि सरकार के पास जरूरी संख्या है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि आज की परीक्षा (फ्लोर टेस्ट) हो यह जरूरी नहीं है क्योंकि अभी तो कोरोना चल रहा है। इससे पहले भनोट ने कहा था कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है। विधायकों की सुरक्षा सबसे अहम है। भनोट ने जानकारी दी थी कि हेल्थ एक्सपर्ट्स से इस बारे में सलाह ली जा रही है। सरकार में मंत्री गोविंद सिंह ने भी कहा कि जो लोग कोरोना वायरस से प्रभावित इलाकों से आ रहे हैं, उनका टेस्ट होना चाहिए। बता दें कि कांग्रेस के २२ बागी विधायक बंगलुरु में हैं, जहां कोराना के १९ केस सामने आ चुके हैं जबकि एक मौत हो गई है। विधानसभा में दाखिल होने से पहले हर किसी की स्क्रीनिंग की जाएगी। भनोट ने कहा कि अभी तक राज्य में ऐसा कोई केस नहीं आया है और कोशिश है कि ऐसा न हो। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सेफ्टी सबसे अहम है।
सिंधिया को कांग्रेस के बागी विधायकों को साधने की जिम्मेदारी
भोपाल। मध्य प्रदेश के सियासी संग्राम के नायक ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया की भाजपा में शामिल होने के बाद सक्रियता बढ़ने लगी है। भाजपा ने सिंधिया को कांग्रेस के बागी ​विधायकों को साधने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यही वजह है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल आ गए है। राज्यपाल ने विधानसभा में १६ मार्च यानी सोमवार को कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है। विधानसभा में बहुमत पेश कर पाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, वहीं भाजपा के लिए यह बड़ी चुनौती है कि कांग्रेस किसी भी सूरत में बहुमत पेश नहीं कर पाए। यही वजह है कि मध्य प्रदेश भाजपा की ओर से सिंधिया को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह कांग्रेस के बागी और अपने समर्थक विधायकों को अपने साथ बनाए रखें।
बाहर से आनेवाले विधायकों का होगा टेस्ट
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोट ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सत्र को टाला भी जा सकता है। अब मंत्री पीसी शर्मा ने जानकारी दी है कि राज्य वैâबिनेट की बैठक में इस बारे में चर्चा की गई कि जयपुर से जो विधायक भोपाल रविवार को पहुंचे हैं, उनका कोरोना वायरस के लिए टेस्ट किया जाएगा। इसके साथ ही हरियाणा और बंगलुरु से जिन विधायकों को आना है उनका टेस्ट भी किया जाएगा।
गोपाल भार्गव बोले, आज हो फ्लोर टेस्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब नेताओं की बयानबाजियों और दावों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार के विधायक बागी होने के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ चुकी है, वहीं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को ही फ्लोर टेस्ट की मांग की है। दोनों ही नेताओं ने रविवार को राज्यपाल लालजी टंडन से भी मुलाकात की और विधानसभा सत्र शुरू होते ही फ्लोर टेस्ट की मांग की। नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने फ्लोर टेस्ट पर एक बयान में कहा कि विधानसभा स्पीकर को इस मामले में राज्यपाल का आदेश मानना होगा, वहीं इस मामले पर विधानसभा स्पीकर ने कहा था कि फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं, इसकी जानकारी सोमवार को ही पता चलेगी।

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