" /> कमलनाथ को भी कोरोना का सहारा, बोले, ऐसे समय विधानसभा सत्र बुलाना ठीक नहीं

कमलनाथ को भी कोरोना का सहारा, बोले, ऐसे समय विधानसभा सत्र बुलाना ठीक नहीं

बागियों के कारण अल्पमत से जूझ रही कमलनाथ सरकार को अब कोरोना का सहारा है। इसके कारण विधानसभा का सत्र कुछ दिनों के लिए टाला जा सकता है ऐसे में सरकार को कुछ दिनों की मोहलत मिल जाएगी। कमलनाथ ने इस बारे में राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर ६ बागी मंत्रियों को हटाने की सिफारिश की थी। चर्चा है कि इस दौरान कोरोना को लेकर भी चर्चा हुई। चूंकि कोरोना को लेकर देश भर में सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द किए जा रहे हैं, मॉल, थिएटर, स्कूल-कॉलेज बंद किए जा रहे हैं, ऐसे में विधानसभा का सत्र बुलाना कितना ठीक रहेगा इस पर चर्चा हुई। हालांकि बाहर कमलनाथ ने यही कहा कि वे १६ को फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।
मध्य प्रदेश के सियासी संकट के बीच भाजपा और कांग्रेस की रस्साकशी भोपाल से बंगलुरु तक नजर आई। सिंधिया गुट के बागी विधायकों को मनाने में जुटी कांग्रेस की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। कांग्रेस की तमाम कोशिशों के बावजूद बागी विधायकों ने बंगलुरु से भोपाल आने से इंकार कर दिया है।
भोपाल लौटने से इंकार करनेवाले १९ विधायकों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। पूर्व में इन विधायकों ने एमपी के डीजीपी से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की थी। शुक्रवार को इन विधायकों को बंगलुरु के रिसॉर्ट से वैंâपागौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लाया गया था लेकिन बाद में सभी विधायक यहां से वापस होटल लौट गए। बताया जा रहा है कि पूर्व में इन विधायकों को बंगलुरु से वापस लाने के लिए कांग्रेस की ओर से सारी तैयारियां करा ली गई थीं। कांग्रेस ने इन विधायकों को वापस लाने के लिए भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक विशेष बस का इंतजाम किया था। हालांकि बाद में विधायकों के भोपाल लौटने से इंकार करने पर इस बस को भी वापस बुला लिया गया। इससे पहले एमपी सरकार के दो मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह बागी विधायकों से मिलने के लिए गुरुवार को बंगलुरु पहुंचे थे। इस दौरान जब इन नेताओं ने विधायकों के होटल में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस ने इन्हें रोक लिया। पुलिस अधिकारियों से दोनों विधायकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बहस भी हुई, जिसके बाद कर्नाटक पुलिस के अधिकारियों ने सभी को हिरासत में ले लिया।