" /> कर्जत से सीएसएमटी का सफर, वाया पनवेल होगा 23 किमी काम

कर्जत से सीएसएमटी का सफर, वाया पनवेल होगा 23 किमी काम

लॉकडाउन के बीच रेल परियोजनाओं से जुड़ी अच्छी खबर मुंबईकरों के लिए आई है। हाल ही में राज्य सरकार ने रेलवे के एमयूटीपी-3 प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दे दी है। इस बार के बजट में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (एमयूटीपी) के लिए 550 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। इतनी ही रकम राज्य सरकार की ओर से मंजूर होने के बाद अब मुंबई रेल विकास निगम (एमआरवीसी) इसी साल जमीन पर एमयूटीपी-3 की योजनाएं शुरू करने जा रही है। रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे पनवेल-कर्जत (नया उपनगरीय कॉरिडोर) और विरार-डहाणू (चार कॉरिडोर) परियोजना के निर्माण कार्य को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ेगी।

विरार-डहाणू परियोजना
एमयूटीपी-3 की इस परियोजना पर कई वर्षों से काम चल रहा है। जबसे मुंबई लोकल डहाणू रोड तक जाने लगी है, तब से दो और अतिरिक्त ट्रैक बिछाने की मांग बढ़ गई है। अतिरिक्त ट्रैक बिछाने के लिए 47 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। एमआरवीसी द्वारा अब तक 15 हेक्टेयर जमीन अधिगृहित की जा चुकी है। एमआरवीसी के एक अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना के लिए जमीन भी चिन्हित की जा चुकी है। फील्ड वर्क हो चुका है। प्रभावितों को किसी भी परियोजना की तुलना में सबसे ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है।

पनवेल-कर्जत कॉरिडोर
एमयूटीपी-3 में पनवेल से कर्जत के बीच 30 किमी लंबा कॉरिडोर बनाने की योजना बनी थी। फिलहाल, यहां मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए ट्रैक बिछा हुआ है। 2,783 करोड़ रुपए की लागत वाले इस कॉरिडोर के बनने के बाद कर्जत से सीएसएमटी आनेवालों को वाया पनवेल से 23 किमी छोटा मार्ग मिलेगा, जिससे 35-40 मिनट की बचत होगी। अभी यात्रियों को कल्याण से वाशी या पनवेल जाने के लिए ठाणे तक आना पड़ता है। ठाणे से ट्रांसहार्बर लिंक से पनवेल का मार्ग बना हुआ है, लेकिन इसके कारण ठाणे स्टेशन पर भीड़ बढ़ जाती है।

एमयूटीपी-3 के अंतर्गत 63 कि.मी. लंबे विरार-डहाणू कॉरिडोर चौहरीकरण की घोषणा की गई थी। इस परियोजना की लागत 3,578 करोड़ रुपए है। फिलहाल, विरार-डहाणू स्टेशनों के बीच दो ट्रैक बने हुए हैं। मुंबई-अमदाबाद रेलवे रूट के इन दो महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच कुछ साल पहले ही उपनगरीय सेवाएं शुरू की गई थीं। अब उपनगरीय सेवाओं का विस्तार करना है इसलिए दो ट्रैक और बिछाने पड़ेंगे। चार ट्रैक होने के बाद बोरीवली से विरार से बीच ज्यादा संख्या में फास्ट लोकल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में भी समय की बचत होगी।

ये है एमयूटीपी-3
-विरार-डहाणू चार लाइनों का कॉरिडोर (60 किमी)
-पनवेल-कर्जत के बीच नया उपनगरीय कॉरिडोर (30 किमी)
-ऐरोली-कलवा लिंक (8 किमी)
-12 कोच की 47 एसी लोकल·
-ट्रैसपासिंग कंट्रोल (मिड सेक्शन)
कुल लागत: 10,947 करोड़

अब तक कितने पैसे मिले
2020-21: 300 करोड़
2019-20: 284 करोड़
2018-19: 519 करोड़
2017-18: 411 करोड़
2016-17: 5 करोड़
2015-16: 1 करोड़