" /> कर्तव्य निर्वहन के साथ मानवता की मिसाल : मानसरोवरवासियों ने किया जाबांज पुलिसकर्मियों का स्वागत

कर्तव्य निर्वहन के साथ मानवता की मिसाल : मानसरोवरवासियों ने किया जाबांज पुलिसकर्मियों का स्वागत

भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन मे तैनात पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यपरायणता से मानवता की मिसाल पेश की है। कंटेनमेंट क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की बेहतर सुरक्षा-व्यवस्था के कारण जहां स्थानीय मानसरोवर इलाके में कोरोना पर अंकुश लग गया, वहीं खुद के पैसे से भूख से पीड़ित सैकड़ों लोगों को खाद्य सामग्री देकर इंसानियत की मिसाल पेश की है, जिसके कारण पुलिसवालों का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया है।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले भिवंडी के मानसरोवर इलाके में एक कोरोना पीड़ित मरीज पाया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने उसे इलाज के लिए कोरोना अस्पताल में भर्ती करवाने के साथ ही मरीज के घर व आस-पास रहनेवाले कुल 15 लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से क्वारंटाइन कर दिया था। इतना ही नहीं प्रशासन ने मानसरोवर इलाके की उस इमारत को सील कर दिया था, जहां कोरोना संक्रमित मरीज रहता था। प्रशासन ने उक्त इलाके की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए शैलेश भोसले, दिनेश पाटिल, रहीम शेख, हर्षा गोंधली नामक जाबांज कोरोना योद्धाओं (पुलिसकर्मियों) को तैनात किया था। भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई सुभाष कोकाटे व वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उक्त चार जाबांज पुलिसकर्मियों ने अपने दायित्व का बखूबी निर्वाहन करते हुए न सिर्फ सहूलियत पूर्ण रवैये से लोगों की तकलीफ को आसान कर दिया, बल्कि हर सोसाइटी में लोगों से मिलकर इस महामारी से बचने के लिए उन्हें न सिर्फ आत्मियता से समझाया बल्कि जिनके घर पर खाद्य सामग्री नहीं थी उन्हें दुकान से मुहैया भी कराया। इस कारण मानसरोवर में कोरोना अपना पांव नहीं पसार सका। इतना ही नहीं उक्त चारों पुलिसकर्मियों ने कई वॉचमैनों व सैकडों लोगों को खुद के पैसे से उनकी तकलीफ को देखते हुए खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई। पुलिस कर्मियों की इस सहृदयता के कारण मानसरोवर इलाके के सी-1 व सी-2 बिल्डिंग के रहनेवाले सत्यप्रकाश सिंह, मंगलेश शर्मा, कुमार एलडी, दिनेश जोशी व प्रशांत सालुंके ने बिल्डिंग के अन्य सदस्यों को साथ में लेकर शैलेश भोसले सहित चारों पुलिसवालों का जोरदार स्वागत किया। कोरोना महामारी में अपने घर-परिवार को छोड़कर कोरोना योद्धा के रूप में जनता की सुरक्षा व कोरोना को हराने के लिए किए जा रहे संघर्ष के बाद उनका स्वागत जनता के हौसले व पुलिसवालों के सम्मान की मिसाल साबित हो रहा है, जो शहर में प्रशंसा का कारण बना हुआ है।