" /> कर्मभूमि ‘मुंबई’ लौटने लगे व्यापारी और मजदूर

कर्मभूमि ‘मुंबई’ लौटने लगे व्यापारी और मजदूर

लखनऊ, गोरखपुर, बिहार से मुंबई आनेवाली ट्रेनें फुल

लॉकडाउन के बीच इन दिनों रेलवे स्पेशल ट्रेनें चला रही है। मुंबई से उत्तर भारत की ओर जानेवाली ट्रेनें फुल हैं, जबकि शुरुआती दौर में उत्तर भारत से आनेवाली ट्रेनें खाली ही मुंबई लौट रही थीं। लेकिन अब वापसी में आनेवाली ट्रेनें एकदम फुल आ रही हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकटों की बुकिंग पर गौर करें तो धीरे-धीरे ही सही प्रवासी मजदूर और मुंबई में व्यापार करनेवाले व्यापारी अपनी कर्मभूमि लौटने लगे हैं।इसकी वजह मुंबई सहित महाराष्ट्र में लॉकडाउन के बीच दी गई ढील है। जिससे लोगों के बीच रोजगार के अवसर उपलब्ध होने लगे हैं।

ट्रेनें चल रही हैं फुल
शुरुआत से ही मुंबई से उत्तर भारत जानेवाली ट्रेनें फुल चल रही हैं। मुंबई से उत्तर भारत जानेवाली ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट 150 से 250 के बीच बताई जा रही है। यही हाल अब वाराणसी, लखनऊ, दरभंगा, गोरखपुर, झारखंड, पटना से आनेवाली ट्रेनों का है। उत्तर भारत से मुंबई आनेवाली अमूमन सारी ट्रेनें फुल आ रही हैं। दरभंगा एलटीटी स्पेशल, गोरखपुर एलटीटी स्पेशल, कुशीनगर स्पेशल, लखनऊ से आनेवाली अवध एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस के अलावा और भी ट्रेनें जो मुंबई आती हैं, ये सभी ट्रेनें फुल दिखाई दे रही हैं। इन ट्रेनों मे 100 से 250 के करीब वेटिंग टिकट मिल रहा है। महानगरी एक्सप्रेस भी फुल दिखाई दे रही है। 21 जून के बाद आनेवाली महानगरी ट्रेन में आरएसी टिकट मिल रहा है। इसी तरह दिल्ली से मुंबई, मेरठ से मुंबई आनेवाली ट्रेन भी फुल बताई जा रही है। गोरखपुर से मुंबई आ रहे दयानंद पांडेय ने बताया कि वो सांताक्रुज में फल का व्यापार करते हैं। उन्होंने कहा कि शुरूआत में जब लॉकडाउन हुआ तो जुगाड़ लगाकर वो जैसे-तैसे अपने गांव गोरखपुर आ गए थे। लेकिन अब जब महाराष्ट्र में धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो रहा है तो अपनी रोजी-रोटी के चक्कर में वे मुंबई लौट रहे हैं।

मजदूरों को वापस बुला रहे हैं उद्यमी
मुंबई व आसपास के शहरों में कुछ शर्तों के साथ अनलॉक किए जाने पर कई उद्योग-धंधे खुल रहे हैं। ऐसे में कामगारों की भारी कमी को देखते हुए उनसे वापस आने की अपील की जा रही है। बताया गया कि सैकड़ों प्रवासी मजदूर मुंबई और गुजरात के लिए ट्रेन और बस के माध्यम से रवाना हो चुके हैं। उनके मालिक उन्हें ज्यादा मजदूरी और रहने-खाने की सुरक्षा का वादा कर वापस बुला रहे हैं। वापस आनेवालों में बिहार, झारखंड व यूपी के मजदूर हैं, जो पेट पालने की मजबूरी और ज्यादा मजदूरी की लालच में लौट रहे हैं। ट्रेन सेवा शुरू होने के साथ ही बिहार-यूपी के कुछ जिलों से प्रवासी मजदूरों का देश के अन्य राज्यों में जाने का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो गया है। इनमें कुशल और अकुशल दोनों कामगार हैं। इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर से मुंबई की ओर आनेवाले प्रवासियों की संख्या बढ़ी है, इनमें इमारत निर्माण में काम करनेवाले कुशल कामगारों की संख्या ज्यादा है। ठाणे, पालघर, नासिक, पुणे के आसपास एमआईडीसी क्षेत्रों में काम शुरू होने से कुशल-अकुशल श्रमिकों की कमी को देखते हुए कारखाना मालिकों द्वारा उन्हें वापस बुलाए जाने की कवायद शुरू हो गई है।