कलाकारों के लिए कालकोठरी, अवसाद के लपेटे में कलाकार

डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करनेवाले नए कलाकारों को कई अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ता है। मुंबई को जिस तरह से बॉलीवुड की नगरी के रूप में जाना जाता है, उसी तरह अब यहां सभी भाषाओं की फिल्मों के प्रोडक्शन हाउसों का बोलबाला भी कायम हो चुका है। हर क्षेत्र की तरह फिल्म लाइन में भी अपराधियों का बोलबाला है। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि नए कलाकारों के लिए किसी कालकोठरी से कम नहीं है बॉलीवुड।
अंधेरी के आदर्श नगर, न्यू म्हाडा, म्हाडा मोतीलाल नगर के हर दूसरे घर में एक-एक फिल्म का पोस्टर लगा है, हर प्रोडक्शन हाउस में राइटर, निर्देशक-निर्माता अपनी-अपनी दुकान सजाए बैठे हैं। मुंबई में अभिनय सिखाने की कई दुकानें हैं। बॉलीवुड में एंंट्री की पहली सीढ़ी माने जानेवाले इन अभिनय स्कूल का अनोखा सच यह है कि जो लोग ये पाठशाला या क्लास चलाते हैं, वे अभिनय की दुनिया में स्वयं सफलता नहीं प्राप्त कर पाए हैं। दूसरी तरफ अधिकतर कार्यालय में एक निर्देशक अपने निर्माता रूपी ‘बकरे’ की तलाश में हमेशा बैठा रहता है। बॉलीवुड के विशेषज्ञों के मुताबिक फिल्मों में काम भले ही दो लोगों को मिले लेकिन कास्टिंग का नाटक हर जगह चलता रहता है। सूत्रों की मानें तो ८० प्रतिशत निर्माता और ९५ प्रतिशत निर्देशक फिल्मों की आड़ में अय्याशी का काम करते हैं। स्पॉट बॉय, निर्माता-निर्देशकों और स्ट्रगल कर रहे लड़कों या लड़कियों के बीच दलाली का काम करते हैं। बॉलीवुड में ऐसे ९० प्रतिशत स्पॉट बॉय हैं। इसी तरह के कई स्पॉट बॉय और निर्देशकों को स्ट्रगल करनेवाली लड़कियों से बलात्कार के मामले में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। गोरेगांव पुलिस ने अपने आपको फिल्म का फायनेंसर बताकर अभिनेत्री बनने आई एक लड़की से बलात्कार के मामले में बलात्कारी स्पॉट बॉय मुस्तफा अली खान को गिरफ्तार किया था। लड़की नई मुंबई में रहती थी।
इसके बावजूद जब लड़की को फिल्मों में काम नहीं मिला तो उसने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तफा अली खान को गिरफ्तार कर लिया। यह तो मात्र एक उदाहरण है। इसी तरह के कई मामले हैं, जिनमें एक निर्माता तो एक गायिका के प्यार में इतना पगला गया था कि उसने आधी रात को रिवॉल्वर लेकर छत पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी। गोरेगांव, वर्सोवा, ओशिवारा, डीएन नगर और मीरा रोड में ऐसे कई मामले दर्ज हैं, जिनको देखकर ही कहा जा सकता है कि नए कलाकारों के लिए कालकोठरी है
बॉलीवुड।
(क्रमश:)