" /> कल्याण में जली चीनी वस्तुओं की होली

कल्याण में जली चीनी वस्तुओं की होली

हिंदुस्थानी सीमा में स्थित लद्दाख की गलवान घाटी में घुसकर चीनी सेना द्वारा की गई हिंदुस्थानी सेना से झड़प में शहीद हुए २० जवानों के साथ पूरा हिंदुस्थान खड़ा हो गया है और हर हिंदुस्थानी के मन में चीन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चीनी सेना के इस अमानवीय हमले का निषेध करते हुए कल्याण-पूर्व विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रमंथन संस्था द्वारा चीनी वस्तुओं की होली जलाई गई।
राष्ट्रमंथन संस्था की एडवोकेट राखी बारोड के नेतृत्व में चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए अमानवीय हमले का विरोध चीनी वस्तुएं जलाकर और मोबाइल में स्टोर चीनी एप्लिकेशन डिलिट करके चीन का निषेध किया गया। इस अवसर पर शहीद हुए हिंदुस्थानी जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। चीनी सेना का यह कृत्य अतिशय निंदनीय हैं। ऐसे कठिन समय में हम सब हिंदुस्थानी सेना के साथ हैं और हमेशा रहेंगे, ऐसी भावना एडवोकेट राखी बारोड ने व्यक्त की। चीन के खिलाफ किए गए इस आंदोलन में स्वयंसेवक संघ के सहकार्यवाह रोहित पांडेय, राष्ट्र सेविका समिति की रश्मि पांडेय, राजू गुप्ता, जवाहर यादव, रामबाबू यादव आदि उपस्थित थे।

चीनी उत्पादनोेंं पर निर्भर न रहें रियल्टी कंपनियां, क्रेडाई का आह्वान

रियल्टी कंपनियों के संगठन क्रेडाई ने अपने २० हजार डेवलपर सदस्यों से आह्वान किया है कि वे चीन में निर्मित उत्पादों पर निर्भर नहीं रहें और देश में निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दें। क्रेडाई ने यह आह्वान ऐसे समय किया है जब हिंदुस्थान और चीन के बीच सीमा विवाद नए शिखर पर पहुंच गया है। सोमवार रात को गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित बीस जवान शहीद हो गए। इसके बाद देश भर में चीन विरोधी भावनाएं उफान पर हैं और विभिन्न क्षेत्रों में चीन के सामानों का बहिष्कार करने की मुहिम उठ रही हैं। क्रेडाई ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्र के साथ एकजुटता में और गलवान घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि व सम्मान देते हुए क्रेडाई ने अपने सदस्यों से चीन में निर्मित वस्तुओं पर निर्भर नहीं रहने तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।’’ क्रेडाई ने उन सभी उद्योगों से यह आग्रह किया है, जो रीयल एस्टेट डेवलपर्स को स्थानीय स्तर पर उत्पाद बनाने के लिए भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति करते हैं। क्रेडाई नेशनल के अध्यक्ष सतीश मगर ने कहा कि हम अपने सदस्य डेवलपर्स से अपील करते हैं कि वे चीनी सामानों पर निर्भर न रहें। वे जीवन और व्यवसाय के लिए ‘मेड इन इंडिया’ को अपनाएं । १९९९ में स्थापित दी कनफेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई)
हिंदुस्थान में निजी रीयल एस्टेट डेवलपर्स के लिए शीर्ष निकाय है। यह देश के २१ राज्यों और २२० शहरों के २० हजार से अधिक डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है।
स्वदेशी को प्राथमिकता देंगे
सीमा पर चल रहे तनाव के चलते हालात काफी नाजुक हो गए हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि अगर हम सेना के साथ सीमा पर नहीं खड़े हो सकते हैं तो कम-से-कम घरों में बैठकर ही उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें। झूठ और नकारात्मक अफवाहों को बढ़ावा न दें। ये समय एकजुटता दिखाने का है, न कि प्रश्नचिन्ह लगाने का। हमें ये संकल्प करना होगा कि भविष्य में हम चीनी वस्तुओं को नहीं खरीदेंगे। इसका अर्थ ये नहीं कि जो सामान अभी हमारे पास है, उसे तोड़ दें। उससे आपका ही नुकसान होगा क्योंकि आप उसे खरीद चुके है, किंतु अब भविष्य में हम चीनी सामान नहीं खरीदेंगे और स्वदेशी सामान को प्राथमिकता देंगे। -गौरव श्रीवास्तव

विश्व समुदाय को चीन खटक रहा है
सबसे पहले तो चीन की गिरी हुई हरकत का जवाब बहुत ही नृशंस तरीके से देने की आवश्यकता है अन्यथा उसका मन ज्यादा बढ़ जाएगा। दूसरा भारत सरकार चरणबद्ध तरीके से चीन से सारे आयात और निर्यात बंद करे और कोई भी नया एमओयू हस्ताक्षर न करे। ऐसी कार्यवाही करने के लिए ये उपयुक्त अवसर है। आज पूरे विश्व समुदाय को चीन खटक रहा है। जनता को इस तरफ जागरूक किया जाए कि कुछ भी खरीदने से पहले वो ये जरूर देखे कि वो सामान ‘मेड इन इंडिया’ है या नहीं। -अजीत पांडेय

चीन को सबक सिखाना है
चीन को सबक सिखाने का समय आ गया है। उसे आर्थिक रूप से कमजोर करने में ही भारत की जीत है। ऐसे में चीन से आयात पर कड़ा नियंत्रण कर अन्य देश जैसे कि ताइवान, मलेशिया, जापान से आयात संबंध और प्रगाढ़ करने होंगे। – नितिन लालचंद गुप्ता

बेहद निंदनीय है
चीन द्वारा छिपकर हमारी सेना के ऊपर जो वार किया गया, वो बेहद निंदनीय एवं घृणित है। हमारी सेना द्वारा इसका मुंहतोड़ जवाब देने का वक्त आ गया है। केंद्र ने सेना को इसकी खुली छूट दे दी है। हमारे २० जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। -सूर्यप्रकाश गुप्ता

चीनी ऐप हटाओ
उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग ने जिस तरह से चीन के ऐप्स को पुलिसकमिर्‍यों के मोबाइल से हटाने का आदेश पास किया है, उसी तरह महाराष्ट्र सरकार और अन्य प्रदेश की सरकारों को भी करना चाहिए। चीन निर्मित सामानों का पूर्ण बहिष्कार ही चीन को उसकी औकात दिखाएगा। आर्थिक रूप से चीन को कमजोर करना जरूरी है। -सुरेंद्र पांडेय

स्वाभिमान के लिए कुछ भी करेंगे
अब बहुत हो गया। बहुत निभा लिया हमने भाईचारा। देश के सैनिकों की कुर्बानी हम जाया नहीं जाने देंगे। अब वो समय आ गया है जब हमें पूरी तरह से चीनी सामानों का बहिष्कार करके आत्मनिर्भर भारत की छवि को देश के हर कोने में और चमकाना होगा, ताकि दुनिया याद रखे। हम भारतीय अपने देश के स्वाभिमान के लिए कुछ भी कर सकते हैं। – कोमल दुबे

चीन अब होगा बर्बाद
चीन की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। चीन ने हमारे जवानों को धोखे से मारा है। हालांकि इसमें चीन का ज्यादा नुकसान हुआ है और उसको समझ में आ गया होगा की भारत के साथ टकराना कितना भारी हो सकता है। आज मैं देश का युवा होने के नाते सभी देशवासियों से अनुरोध करता हूं कि आज से सभी लोग मिलकर चीन के सामानों का बहिष्कार करें।  -अनूप त्रिपाठी

चीन के सामान का करो बहिष्कार
एक तरफ भारत में चीन का निवेश अधिक है, वहीं भारतीय अभिनेता और क्रिकेटर चीन के सामानों को प्रमोट कर रहे हैं। दूसरी तरफ जनता चीन के खिलाफ भड़की हुई है। हमें यह समझना होगा कि छोटी-से-छोटी चीज जैसे पैंट की जिप, पेन की निब भी चीन से आयात की जाती है, इस ट्रेंड को रोकना होगा और भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना होगा, तभी हम चीन को हरा पाएंगे। -मंजुका देसाई

देश को आत्मनिर्भर बनाओ
चीन खुद को आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से मजबूत कर रहा है, वैसे ही भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा। अपने जवानों के बलिदान को हमें प्रेरणा बनाना होगा, जितना भी हो सके हमे भारत के सामानों को खरीदना है और अपने देश को सशक्त बनाना है।
– प्रियंका गर्ग

चीन का संपूर्ण बहिष्कार करें
भारत में चीन की आर्थिक गतिविधियों एवं चीनी वस्तुओं का संपूर्ण बहिष्कार करना अति आवश्यक है। सभी भारतीयों को साथ आकर चीन का आर्थिक बहिष्कार करना होगा और सभी राजनीतिक दलों को मतभेद भुलाकर सरकार को चीन के खिलाफ लड़ने में सहयोग करना अति आवश्यक है, ताकि हमारी सरकार एवं सैन्य बलों का मनोबल बढ़ सके और वे अपनी संपूर्ण शक्ति के साथ चीन के खिलाफ कार्रवाई करें, न कि सैन्य कार्यवाही पर शक करें। -अर्जुन गुप्ता

दोगले चीन को मुंहतोड़ जवाब दो
भारत-चीन की सीमा लद्दाख में २० भारतीय जवानों के बलिदान के बाद देश की जनता का खून खौल उठा है। चीन दोगला है और दोगले चीन को उसी की भाषा में जबाब देना होगा। चीन अब भी हिंदुस्थान को सन १९६२ का हिंदुस्थान समझ रहा है। उसे ये मालूम होना चाहिए कि ये १९६२ का नहीं, २०२० का हिंदुस्थान है। चीन को सबक सिखाने में अब हिंदुस्थान सक्षम है। उसे मुंहतोड़ जबाब देना ही होगा।
-हाफिज अकमल खान

सेना को खुली छूट दी जाए
जो हालात आज चीन और भारत बॉर्डर पर हैं वह बहुत ही गंभीर हैं। पिछले कुछ महीनों से एलएसी पर तनातनी चालू थी। उसको ध्यान में रखते हुए हमें और सजग रहना चाहिए था क्योंकि १९६२ की लड़ाई को हमें भूलना नहीं चाहिए उन्होंने तब भी गद्दारी की थी आज भी गद्दारी किए हैं। इसमें हमारे जवान शहीद हुए। शहीद हुए सभी जवानों को नमन करता हूं।भारत सरकार से अपील करता हूं कि सेना को खुली छूट दी जाए। -अफरोज मलिक

सरकार कड़े कदम उठाए
केवल चीनी वस्तुओं के बहिष्कार से अब काम नहीं चलने वाला है।अपने देश के जवानों का बलिदान जाया नहीं जाना चाहिए।देश हित में जो कुछ जायज हो उसके लिए सरकार को कड़ा कदम उठाना जरूरी है, जिसके लिए सरकार कोई बड़ा निणर्‍य ले तो ज्यादा बेहतर होगा।
-देवेंद्र शुक्ला

बदला लेंगे
चीन ने जो किया है उसकी सजा उसे मिलेगी और बराबर मिलेगी। हमारे वीर जवान चीन को उनकी ही भाषा में जवाब देंगे और शहीद हुए जवानों का बदला हिंदुस्थान जरूर लेगा।
–श्रद्धा गजरे

सेना को मिले खुली छूट
हमें लगता है कि अब चीन को मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया हैं।इसके लिए केंद्र सरकार को चीन से समस्त व्यापारिक संबंध समाप्त कर लेना चाहिए।साथ ही हमारा भी दायित्व है कि हम आज से ही चीन निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार करें। साथ ही सेना को खुली छूट भी मिलनी चाहिए कि वो जरूरत के हिसाब से बल का प्रयोग कर सके।
-जमीर कुरैशी