" /> कल्याण रेलवे आरक्षण केंद्र पर कई घंटों तक कतार में खड़े रहने को मजबूर

कल्याण रेलवे आरक्षण केंद्र पर कई घंटों तक कतार में खड़े रहने को मजबूर

कई आरक्षण केंद्र के लोगों का कल्याण में जमावड़ा
टिकट रद्दीकरण की समय-सीमा 180 दिन

कोरोना संक्रमण के चलते पूरे देश मे विगत दिनों पूरी तरह से लॉकडाउन की स्थिति थी, जिसके कारण रेलवे के भी सभी कार्यालय बंद थे। यात्राएं तथा ट्रेनें भी इस दौरान बंद थीं, जिसके कारण लोग पहले से निर्धारित यात्रा नहीं कर पाए और सरकार द्वारा उनके टिकट को रद्द करने तथा रिफंड पाने के लिए समय-सीमा तय की गई है, जिसके कारण जल्द से जल्द लोग टिकट रद्द कर पैसा वापस पाना चाहते हैं। इसको लेकर कल्याण आरक्षण केंद्र पर लोगों का तांता लगा हुआ है।कल्याण आरक्षण केंद्र पर सुबह दस में से तीन खिड़की तथा शाम के समय दो खिड़की ही चालू रहती हैं, जिसके कारण लोगों को चार से पांच घंटे लाइन में लगकर आरक्षण या रद्दीकरण कराने को बाध्य होना पड़ रहा है। साथ ही यह शिकायत भी लोग कर रहे हैं कि ऐसे बुरे वक्त में पानी की भी सुविधा आरक्षण केंद्र पर उपलब्ध नहीं है। आरक्षण केंद्र पर इतनी भीड़ है कि लगाए गए शेड भी अपर्याप्त हो रहे हैं, जिसके कारण लोगों को यह समय धूप में भी बिताना पड़ रहा है।इस संबंध में कल्याण स्टेशन के सूत्रों से बात करने पर उन्होंने बताया कि इसके कई कारण हैं, जिनकी वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उच्चाधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया गया है। जल्द समाधान मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि काफी दिनों की बंदी के बाद लोग पैसों की जरूरत की वजह से जल्द से जल्द अपना पैसा रिफंड पाना चाहते हैं। साथ ही अंबरनाथ, उल्हासनगर, भिवंडी, डोंबिवली सभी आरक्षण केंद्र बंद होने की वजह से लोग कल्याण में एकत्र हो रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की कमी भी कम खिड़की खुलने की एक वजह है क्योंकि ज्यादातर स्टाफ के बिल्डिंग या आस-पास के परिसर में कोरोना के मरीज हैं, जिसकी वजह से वे काम पर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। इस समय दोनों शिफ्ट मिलाकर कुल 12 कर्मचारी ही आरक्षण केंद्र पर उपलब्ध हैं।केवल नागरिक ही नहीं बल्कि इस बेतहाशा भीड़ से उपस्थित कर्मचारियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तथा रुष्ट नागरिकों के रोष का शिकार होना पड़ रहा है। हालांकि जल्द ही अन्य नजदीकी आरक्षण केंद्र खुलनेवाले हैं, जिससे लोगों को सहूलियत मिल सकेगी। आरक्षण रद्द करानेवाले भी यह ध्यान दें कि 180 दिनों की समय-सीमा में कभी-भी आरक्षण को रद्द कर रिफंड पाया जा सकता है। अतः संयम बनाए रखें।