कल आ सकता है राफेल पर फैसला

राफेल डील मामले में सर्वोच्च न्यायालय कल अपना फैसला सुना सकती है। राफेल विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गले की फांस बन गया है। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार इस राफेल मुद्दे को जनता के बीच उठाया। राफेल को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा को घेरने में लगी रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि इस सौदे में कई गड़बड़ियां की गई हैं और कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस ने इस मामले में पीएम मोदी पर घोटाला करने का आरोप लगाया है। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और कल सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अपना फैसला सुना सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि कीमत पर चर्चा तभी होगी, जब हम फैसला करेंगे। इस मामले में अटॉनी जनरल केके वेणुगोपाल को तब तक जवाब नहीं देने को कहा, जब तक कोर्ट इसकी जांच करने का फैसला नहीं करती है। अटॉनी जनरल का कहना है कि अगर हथियार और विमान की कीमतें सार्वजनिक की जाएंगी तो दुश्मनों को राफेल विमान में लगे हथियारों का पता चल जाएगा।

वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील देते हुए कोर्ट से कहा कि केवल तीन परिस्थितियों में ही अंतर-सरकारी रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। भूषण ने यह भी कहा कि फ्रांसीसी सरकार की ओर से डील के सबंध में कोई सॉवरेन गारंटी नहीं थी। बता दें कि प्रशांत भूषण पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी की ओर से दलील दे रहे हैं, जो राफेल डील के याचिकाकर्ताओं में से एक हैं।