" /> कांग्रेस ने शायराना अंदाज में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शेर पर तंज कसा

कांग्रेस ने शायराना अंदाज में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शेर पर तंज कसा

‘सवालों’ की आंच हो तो हवा कीजै,
‘सवाल’ ही जब आंच हो तो ‘कड़ी निंदा’ कीजै..

महाराष्ट्र जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर शायराना अंदाज में पलटवार किया। मिर्जा गालिब के एक शेर को अपने अंदाज में कहते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘हाथ में दर्द हो तो दवा कीजै, यदि हाथ ही दर्द हो तो क्या कीजै।’ इसके बाद राजनाथ सिंह पर कांग्रेस ने इसी शायराना अंदाज में ट्वीट कर तंज कसा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से एक ट्वीट में लिखा, एक काबिल का ही शेर थोड़ा अलग अंदाज में है।
‘सवालों’ की आंच हो तो हवा कीजै,
‘सवाल’ ही जब आंच हो तो ‘कड़ी निंदा’ कीजै..
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सीमा सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तंज कसा था। राहुल ने कहा था, ‘सबको मालूम है ‘सीमा’ की हकीकत लेकिन दिल के खुश रखने को ‘शाह-यद’ ये ख्याल अच्छा है।’ इस ट्वीट पर राजनाथ ने जवाब दिया है।
वर्चुअल रैली में चीन के मसले पर रक्षा मंत्री ने कहा कि हम किसी के मान, सम्मान पर न चोट पहुंचाते हैं और न अपने मान, सम्मान और स्वाभिमान पर चोट बर्दाश्त कर सकते हैं इसलिए विपक्ष को कहता हूं कि भारत-चीन मामले पर हमें ज्यादा समझाने की कोशिश मत कीजिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना वैश्विक बीमारी से दुनिया प्रभावित हुई है, इस चुनौती को भारत ने एक दृढ़ निश्चय के साथ स्वीकार किया। भारत सरकार के प्रयासों के कारण ही कोरोना संकट में दुनिया के कई विकसित देशों की तुलना में भारत की स्थिति काफी बेहतर है।
कोरोना को लेकर जिस प्रकार के हालात महाराष्ट्र में पैदा हुए है, उस प्रकार महाराष्ट्र में पैदा हुई चुनौती से निपटने के लिए जितना सहयोग हो सकता है वो सहयोग मोदी सरकार कर रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र की सरकार तीन दलों की सरकार है लेकिन विकास का विजन महाराष्ट्र सरकार के पास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव लड़ना हुआ तो बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन हुआ। मैं भाजपा के चरित्र को स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम धोखा खा सकते हैं। महाराष्ट्र सरकार गठबंधन के एक साझीदार कांग्रेस के नेता राहुल गांधी कहते हैं कि हम सरकार में तो शामिल हैं लेकिन निर्णय में शामिल नहीं हैं, इसका मतलब ये है कि संकट की घड़ी में सीधे अपना पल्ला झाड़ लेना।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी पीएम बने थे तो लोग आशंका व्यक्त करते थे कि मोदी सरकार 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर पाएगी या नहीं लेकिन जब 5 साल का वक्त बीता तो पूरे हिंदुस्थान ने मोदी सरकार के काम पर मुहर लगा दी और 2019 में पहले से भी ज्यादा बहुमत दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सारी दुनिया ये स्वीकार करती है कि मोदी सरकार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। 2013 में भारत की जो आर्थिक स्थिति थी, उसकी तुलना में 2019 में भारत की स्थिति काफी बेहतर हुई।