" /> कांग्रेस पार्टी करेगी मजदूर यात्रियों की ट्रेन यात्रा के खर्च का भुगतान

कांग्रेस पार्टी करेगी मजदूर यात्रियों की ट्रेन यात्रा के खर्च का भुगतान

– पालकमंत्री ने भेजा अधिकारियों को पत्र
– नागपुर में स्थानांतरित मजदूरों के यात्रा खर्च का भुगतान करने की पेशकश
– डीजल खर्च के भुगतान के साथ रवाना की 23 निजी बसें
– अपने गांव लौट रहे 628 यात्री
अपने-अपने राज्य में लौट जाने के इच्छुक स्थानांतरित मजदूरों के लिए रेलवे के जरिए विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाई जा रही हैं लेकिन यात्रा खर्च स्थानांतरित मजदूरों से ही वसूला जा रहा है। लगभग डेढ़ माह से लॉक डाउन शुरू होने से यह मजदूर वर्ग संकट में फंस गया है। लग रहा है कि इन मजदूरों के लिए यात्रा का खर्च करना मुश्किल हो जाएगा। इस स्थिति में इन मजदूरों को अपने गांव लौटने के लिए ट्रेन की यात्रा का खर्च का भुगतान कांग्रेस पार्टी के द्वारा करना तय कर लिया गया है। इसके निर्देश कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिए हैं।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने मजदूरों की ट्रेन की यात्रा का खर्च कांग्रेस की तरफ से देने की घोषणा की है। राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात के मार्गदर्शन में स्थानांतरित मजदूरों की ट्रेन यात्रा का खर्च कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा। इसके संबंध में एक खत आज सोमवार को नागपुर जिले के पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत ने विभागीय आयुक्त नागपुर, जिलाधिकारी नागपुर, पुलिस आयुक्त नागपुर और विभागीय रेल प्रबंधक (मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) को भेजा है। इस खत में नागपुर रेलवे स्टेशन से छूटनेवाली ट्रेनों की संख्या, उनके छूटने का निर्धारित समय, उनके गंतव्य और कुल मजदूर यात्रियों की अनुमानित संख्या और इसके अनुमानित खर्च की जानकारी देने की गुजारिश संबंधितों से की गई है, ताकि मजदूर यात्रियों के यात्रा खर्च का भुगतान निर्धारित समय से पहले करने में सुविधा हो।
पालकमंत्री डॉ. नितिन राऊत ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी का संकल्प मजदूर यात्रियों को बिना किसी आर्थिक बोझ लिए उनके अपने गांव भेजा जाए। इसके लिए ट्रेन किराए की रकम का भुगतान कांग्रेस पार्टी करेगी। डॉ. नितिन राऊत ने बताया कि 3 और 4 मई को नागपुर से कुल 628 मजदूर यात्रियों को 23 निजी ट्रैवल बसों द्वारा अपने गांव रवाना कर दिया गया है। इसमें प्रमुखता से राजस्थान,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, अमरावती, अकोला, यवतमाल, भंडारा और गोंदिया के गरीब मजदूर शामिल है। इस यात्रा के लिए आवश्यक डीजल के खर्च का भुगतान कांग्रेस पार्टी की तरफ से किया गया है।