कांग्रेस सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही है

कश्मीर के पुलवामा में ४० सीआरपीएफ के जवानों की शहादत के बाद प्रधानमंत्री ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सर्वदलीय बैठक जब बुलाया था तो विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ देशहित में किसी भी कार्रवाई को करने का पीएम मोदी को समर्थन देने का एलान किया था। ऐसे में पिछले दिनों जब वायुसेना ने पाक के बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया, परिणामस्वरूप आतंकियों के कई ठिकानों पर गोलाबारी करके उसे तहस-नहस कर डाला। सेना के शौर्य, पराक्रम की तारीफ और बधाई देने की बजाय कांग्रेस पार्टी के कई नेता सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक पर सवाल पैदा कर रहे हैं। कपिल सिब्बल का कहना है कि अमित शाह बताएं कि २५० आतंकियों के मारने की सूचना किसने दी। नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि वायुसेना पाकिस्तान में पेड़ उखाड़ने गई थी। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को हादसा बताया है। जिस तरह की भाषा और बयान सेना पर कांग्रेसी नेता दे रहे हैं क्या यह हमारी सेना का अपमान नहीं है? क्या हमारी सेना का मनोबल नहीं गिरेगा? वोट की खातिर इससे बढ़कर घटिया बयान और क्या हो सकता है। पाकिस्तान प्रयोजित आतंकी हमले में हमारे ४० जवान देश के लिए शहीर हो गए परंतु विपक्षी दलों ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की इससे बढ़कर दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल प्रत्यक्ष न सही परोक्ष रूप में एक तरह से पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। विपक्षी दलों को आज की तारीख में देश से बढ़कर वोट बैंक दिखाई दे रहा है।
– श्यामनारायण मिश्र, मुंबई