कानूनी शिकंजे में फंसी मुंडे की ‘मुंडी’

महाराष्ट्र विधान परिषद विरोधी दल नेता धनंजय मुंडे की ‘मुंडी’ ऐन अधिवेशन के मौके पर कानूनी शिकंजे में फंस गई हैं। धनंजय मुंडे के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय की संभाजीनगर खंडपीठ ने सरकारी जमीन हड़पने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
सरकारी जमीन बेलखंडी मठ को इनाम दी गई थी। इस जमीन को धनंजय मुंडे ने पद का दुरुपयोग करके अपने जगमित्र शक्कर कारखाना के लिए खरीदी की थी। कृषि जमीन को अकृषि किया गया, ऐसा आरोप धनंजय मुंडे पर लगा है। जांच करनेवाले पुलिस अमलदार पर संभाजी खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले में पुलिस को आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने दिया हैै। राजाभाऊ फड ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। याचिका में फड ने कहा था कि इनामी जमीन की खरीद फरोख्त नहीं हो सकती है।
इस मामले में दबाव डालकर जमीन की खरीदी की गई है। इसके अलावा कृषि जमीन को अकृषि करने का भी उल्लेख याचिका में किया गया था। इस मामले में याचिकाकर्ता राजाभाऊ फड द्वारा बर्दापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई गई परंतु जांच अधिकारी ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद फड ने संभाजीनगर खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उक्त आदेश कल दिया है। मुंडे के अलावा राकांपा के अन्य नेता भी कानूनी शिकंजे में एक-एक करके फंसते जा रहे हैं। राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल पहले ही ईडी के शिकंजे में फंसे हुए हैं, अजीत पवार व सुनील तटकरे पर सिंचाई घोटाले में चल रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच की तलवार लटक रही है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में छगन भुजबल जमानत पर छूटकर जेल से बाहर आए हैं। इसके अलावा कई अन्य नेताओं की जांच चल रही है।