कार की रफ्तार पर ब्रेक -पंपों पर लगेगा जाम

मुंबई जैसे शहर में कार में रफ्तार से यात्रा करना एक हसीन सपना है। अब आनेवाले दिनों में इस रफ्तार पर और ब्रेक लगेवाला है। खबर है कि आनेवाले दिनों में शहर के कई पेट्रोल पंप गायब हो जाएंगे। फिलहाल पेट्रोल पंपों पर ईधन भरवाना आसान नहीं है। वहां कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में अगर पेट्रोल पंपों के बंद होने की खबरें सही हैं तो आनेवाले दिनों में बाकी के बचे हुए पंपों पर वाहनों का भारी जमघट लगेगा जिससे लोगों का काफी वक्त बर्बाद होनेवाला है साथ ही जाम से भी जूझना पड़ेगा।
बंद हो जाएंगे मुंबई के २५ पेट्रोल पंप
मुंबई शहर के २५ पेट्रोल पंप ऐसे हैं, जो इस साल कभी भी बंद हो सकते हैं। दरअसल जिन जगहों पर सालों से पेट्रोल पंप मौजूद हैं, उनके लैंडलॉर्ड अब अपनी जमीनों को किराए पर देना नहीं चाहते हैं। माना जा रहा है कि इन दिनों करोड़ों रुपए कमाने के लालच में पेट्रोल पंप के लैंडलॉर्ड की निगाहें अब रियल इस्टेट पर लगी हुई हैं।
बता दें कि यदि लैंडलॉर्ड ने अपनी जमीनें हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम को किराए पर नहीं दी तो इन पेट्रोल पंपों के बंद होने से मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाएगी और पेट्रोल पंप की संख्या कम होने से पेट्रोल भराने के लिए सड़कों पर लंबी कतार लगने लगेगी। हाल ही में दक्षिण मुंबई में लैंडलॉर्ड का करार खत्म होने के बाद पेट्रोल पंप की जगह बिल्डर को रिहायशी इमारत निर्माण करने के लिए दे दी गई। इसी तरह कुछ साल पहले ताड़देव स्थित भाटिया
हॉस्पिटल के सामनेवाला पेट्रोल पंप को भी करोड़ों रुपए का मुनाफा कमाने के चक्कर में बंद कर उसकी जगह बिल्डिंग खड़ी कर दी गई। बता दें कि जिस तरह से मुंबई में रोजाना ५०० नए वाहनों का पंजीकरण हो रहा है, इससे यह साफ है कि यदि मुंबई के पेट्रोल पंप बंद हुए तो सड़कों पर वाहनों की ट्रैफिक समस्या बढ़ जाएगी। जब इस संबंध में तेल कंपनी एजेंसी के राज्यस्तरीय समन्वयक संतोष निवेंडकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी डी. के. जैन से बात की गई है और विकल्प के रूप में सरकारी जगह की मांग की है। उन्होंने हमें हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है, ऐसी जानकारी निवेंडकर ने दी।