‘कालसर्प’ योग शांति से दूर होगी परेशानी

हमारी राशि क्या है और समय कैसा चल रहा है? -रमेश तिवारी
(जन्म-१२ अगस्त २००३, रात्रि १०.३७ बजे, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)
रमेशजी, आपका जन्म मेष लग्न एवं कुंभ राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का विचार अच्छी ढंग से किया गया। आपकी कुंडली में द्वितीय स्थान पर राहु बैठकर के समय-समय पर आपको क्रोधी एवं भ्रमी बना देता है। आपकी शिक्षा अच्छी होगी लेकिन द्वितीय स्थान पर राहु तथा अष्टम स्थान पर बैठा केतु कुलिक कालसर्प योग बना रहा है। आपके जीवन में धन के कारण संघर्ष ही बना रहेगा। अपयश परेशानियां एवं खर्च की अधिकता बनी रहती है। दिमाग गर्म रहता है। परेशानियों के कारण चिड़चिड़ापन हो जाता है। हर प्रकार के सुख को प्राप्त करने के लिए कुलिक नामक कालसर्प योग की पूजा तीन बार कराना आवश्यक होगा।

गुरुजी मेरी शादी कब होगी? लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज? -निशा यादव
(जन्म-११ जून १९९४, प्रात: ६.४५ बजे सायन, मुंबई)
निशाजी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं मिथुन राशि में हुआ। पंचम भाव पर बृहस्पति के साथ राहु बैठकर आपको प्रेम विवाह के लिए प्रेरित करेगा लेकिन प्रेम विवाह सफल नहीं होगा। प्रेम विवाह से आपके साथ धोखा भी हो सकता है क्योंकि आपका लग्नेश बुध लग्न भाव में बैठा है। विवाह का समय चल रहा है। आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर यह समझ में आ रहा है कि आपकी कुंडली कालसर्प योग से प्रभावित है। इस योग के कारण अनुकूल पति प्राप्त करने में असुविधा प्राप्त हो रही है। कालसर्प योग की पूजा करा कर अनुकूल पति प्राप्त करने का प्रयास करेंगी तो आपके लिए बेहतर होगा। शादी में पूर्ण सहमति पिता की ही रहेगी तभी आपका दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।

गुरुजी मेरी राशि क्या है और कुंडली में दोष क्या है शादी कब होगी? -ऋचा यादव
(जन्म-२५ सितंबर १९९०, प्रात: ९.२० बजे, आसनगाव, थाना)
ऋचाजी, आपका जन्म तुला लग्न एवं तुला राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का अवलोकन अच्छी प्रकार से किया गया। आपकी कुंडली में अष्टम स्थान पर मंगल बैठकर के आपको मांगलिक बना दिया है। शनि शादी का विच्छेद एवं राहु शादी का अवरोधक ग्रह माना जाता है। २०२० के बाद विवाह का योग प्रबलता से प्रारंभ हो जाएगा। ध्यान रखें कि विवाह निर्धारित करने से पहले ‘मंगलचंडिका स्तोत्र’का पाठ वैदिक ढंग से कराना आवश्यक है। इस उपाय को करने के बाद अनुकूल पति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

मुझे कोई नौकरी नहीं मिल रही है कोई उपाय बताएं?
-विनोद भंडारी
(जन्म-३ जुलाई १९८९, रात्रि ४.१५ बजे, यूपी)
विनोदजी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं मिथुन राशि में हुआ है। लग्नेश लग्न में बैठकर के आपके आत्मबल को बहुत ही महत्वपूर्ण बना दिया है। दशम भाव से नौकरी या कार्यक्षेत्र का भी विचार किया जाता है। स्थान का स्वामी कमजोर है। आपकी कुंडली अच्छी है लेकिन दशमेश को ताकत देने की आवश्यकता हैं, तभी आप अपने अनुकूल नौकरी प्राप्त कर पाएंगे। आपका जन्मदिन अमावस्या की तिथि को हुआ है। अमावस्या तिथि पितरों की मानी जाती है। अमावस्या के दिन जन्म लेनेवाले व्यक्ति की कुंडली निश्चित होती है। सर्वप्रथम गुरुवार के दिन से ४३ दिन तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा आपको करना आवश्यक है, ऐसा करने पर अनुकूल नौकरी आपको तुरंत मिल जाएगी।

मेरी राशि क्या है, स्वास्थ्य अनुकूल बनाने के लिए कोई उपाय बताएं?
-चांदनी सिंह
(जन्म-२२ अक्टूबर २०१५, रात्रि १०.३० बजे, भदोही-यूपी)
चांदनीजी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं मकर राशि में हुआ है। लग्नेश बुध उच्च राशि का होकर सुख भाव में राहु के साथ में बैठा है। राहु के साथ यदि लग्नेश बुध बैठता है तो जड़ नामक योग बनाता है और आपकी राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है, जो शनि लौह पाद में है। लौह पाद का शनि आपके लिए हानिकारक है। स्वास्थ्य प्रतिकूल रह सकता है क्योंकि शनि अष्टमेश होकर रोग भाव में बैठकर रोग की उत्पत्ति कर रहा है। सर्वप्रथम चांदी का चंद्रमा बनवाकर सोमवार के दिन शिव की पिंडी पर चढ़ाकर के धारण करें तथा शनिवार -शनिवार ३०० ग्राम काला तिल, ३०० ग्राम काली उर्द, ३०० ग्राम बादाम और एक नारियल तथा कच्चा कोयला ये सारी सामग्री सिर से सात बार उतारा करके शनिवार के दिन बहती नदी में या तालाब में जरूर बहाएं।