" /> कालसेकर अस्पताल का कमाल, ९७७ मरीजों में से रिकॉर्ड ८३१ को किया ठीक

कालसेकर अस्पताल का कमाल, ९७७ मरीजों में से रिकॉर्ड ८३१ को किया ठीक

मरीजों के इलाज में लापरवाही का आरोप झेल रहे कौसा के कालसेकर अस्पताल ने कमाल की उपलब्धि हासिल की है। विशेष कोविड सुविधा केंद्र के रूप में कार्यरत इस अस्पताल में अब तक ९७७ कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हुए हैं, इनमे से ८५० मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है जबकि ९८ मरीजों का इलाज अभी भी चल रहा है। खास बात ये है कि इस अस्पताल में महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर २७१ मरीजों का इलाज किया गया है।
बता दें कि अल हमद ट्रस्ट द्वारा संचालित कौसा स्थित कालसेकर अस्पताल की गिनती शहर के चुनिंदा मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में की जाती है। कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए ५ मई, २०२० को इसे कोविड अस्पताल घोषित कर दिया गया। शुरुआत में २० आईसीयू तथा ८० सामान्य बेड की व्यवस्था की गई थी, पर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे बढ़ाकर ४३ आईसीयू तथा सामान्य १०० कर दी गई। अस्पताल द्वारा मरीजों की जिंदगी बचाने का भरपूर प्रयास किया गया, इसके बावजूद उपचार में लापरवाही के आरोप लगे और विवाद पैदा हुआ। अस्पताल में आयोजित एक पत्रकार परिषद में आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अस्पताल के ट्रिटिंग फिजिशियन डॉ, खालिद अंसारी ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोविड-१९ मरीजों की जान बचाने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास किए जा रहे है। इसी तरह डॉ. जितेंद्र मिश्रा का कहना है कि काफी मुश्किल हालातों में भी मरीजों को सफलतापूर्वक डिस्चार्ज करने की दर अन्य अस्पतालों से बेहतर बनी हुई है। अस्पताल की सीईओ डॉ. आफरीन सौदागर का कहना है कि ठाणे का यह एकमात्र ऐसा समर्पित अस्पताल है, जिसके पास कोविड-१९ उपचार के लिए ‘एयर ब्रो’ मशीन है। यह मरीजों को तेजी से ठीक करने में मदद करती है।