" /> काशी में कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक कर रही कठपुतलियां

काशी में कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक कर रही कठपुतलियां

लाइलाज, जानलेवा करोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए देश में अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं। उसी कड़ी में प्राचीन नगरी काशी में बुधवार को प्राचीन परंपरागत कठपुतली नृत्य से लोगों को जागरूक करने का अभिनव प्रयास किया गया।
अभिनव समिति के तत्वावधान में मां गंगा के सानिध्य में काशी के तुलसी घाट पर आयोजित कठपुतली नृत्य के जरिए लोगों को बताया गया कि किस तरह से करोना से बचा जा सकता है। रामायण पर आधारित इस कठपुतली जागरूकता अभियान के तहत प्रेरक प्रभु राम रावण संवाद का जीवंत प्रसारण लोगों के दिलों में घर कर गया।
इस कठपुतली नृत्य प्रहसन में राम और रावण की पुतलियां दर्शकों के सामने आईं तो दर्शकों ने तालियां बजा कर स्वागत किया। प्रहसन का आगाज करोना रूपी रावण के संवाद से हुआ। रावण अट्टहास करते हुए कहता है, मैं तो आ गया अब भारत और एक-एक को चुन-चुन कर संक्रमित करूंगा। सब मिट जाएंगे।
रावण के संवाद को रोकते हुए राम बोले, ये भारत भूमि है। यहां तुम्हारी नहीं चलने वाली। हर नागरिक को पता है कि तुम जैसे वायरस रूपी राक्षस से कैसे बचा जाय।
रावण पुनः अट्टहास करते सवाल करता है, बताओ-बताओ कैसे बचोगे। राम रूपी जागरूक नागरिक बोला, हाथ धोएंगे। आधे मिनट तक साबुन से हाथ धोएंगे। मुख, नाक, कान को नहीं छूएंगे। भीड़ में छींक आई तो रुमाल नाक पर रखेंगे। रुमाल नहीं तो कोहनी लगाएंगे।
इतना सब सुन रावण का स्वर मद्धम पड़ गया। वह रुआंसा हो कर बोला, मैं अब जा रहा। मैं लौट जाऊंगा। नहीं पता था भारत के लोग इतने जागरूक हैं। मैं तो सोच के आया था कि सबको मार डालेंगे पर अब जल्द न भागे तो मेरा ही वजूद नष्ट हो जाएगा।
रावण के इस प्रलाप पर हर्ष ध्वनि हुई। दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। फिर राम, लक्षमण, सीता, शबरी यहां तक कि रावण की बहन सुपनखा ने भी हाथ धो कर, छींक आने पर कोहनी लगा कर लोगों को जागरूक किया।
कठपुतली नृत्य में राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शोभनाथ, रितु पटेल, प्रिया राय, वंदना, कुमारी अदिति, विजय कुमार ने जान डाल दिया ।