" /> केंद्र ने की चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति बंद, राज्य पर रु. ३०० करोड़ का आर्थिक भार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दी जानकारी

केंद्र ने की चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति बंद, राज्य पर रु. ३०० करोड़ का आर्थिक भार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दी जानकारी

कोविड संकट का मुकाबला करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जानेवाले पीपीई किट, मास्क, वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सकीय उपकरणों की मदद १ सितंबर से रोक दी गई है। इन उपकरणों के लिए राज्य पर अब हर माह ३०० करोड़ रुपए का आर्थिक भार पड़ेगा। इसलिए यह मदद दिसंबर महीने के अंतिम तक मिलती रहे, ऐसी विनती केंद्र सरकार से की गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कल विधानसभा में दी।

सबसे अधिक जांच राज्य में मार्च महीने में राज्य में एक लैब थी। अब कुल ४०४ लैब हैं, जिनमें ३११ सरकारी और ९३ निजी लैब का समावेश है। सबसे अधिक जांच राज्य में हो रही है। देश में आरटीपीसीआर जांच के लिए ४,५०० रुपए खर्च करने पड़ते हैं लेकिन महाराष्ट्र में यह जांच १,२०० रुपए में हो रही है।
हमारा टीम वर्क
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुंबई पर और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पुणे पर ध्यान देते हैं। विपक्ष के इस आरोप का करारा जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि हर सप्ताह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे प्रत्येक जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए बैठक करते हैं। हर जिले का ध्यान रखा जा रहा है। हम टीम वर्क से काम कर रहे हैं।
निजी अस्पतालों को रेमडेसीवीर
निजी अस्पतालों को रेमडेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति सरकार की ओर से की जाएगी, ऐसी जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दी।