केंद्र सरकार अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र को भी मदद करे-आदित्य ठाकरे

बाढ़ का संकट राष्ट्रीय है। देश में कहीं भी संकट आता है तो मदद के लिए महाराष्ट्र हमेशा आगे रहता है। अन्य राज्यों की तरह महाराष्ट्र को भी केंद्र सरकार से मदद मिलनी चाहिए, ऐसी मांग शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने ईश्वरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। आदित्य ठाकरे ने कल सांगली और सातारा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ब्रह्मनाल में बाढ़ से पलटी नाव में मरे ७ लोगों के प्रत्येक परिजनों को एक-एक लाख रुपए की मदद शिवसेना की ओर से की गई। अंकली, हरिपुर, सांगली, नांद्रे, ब्रह्मनाल, भिलवड़ी, शिरगाव, वालवा के बाढ़ग्रस्तों का हाल जानते हुए शिवसेना ने मदद का हाथ बढ़ाया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि नुकसान काफी बड़ा है। इसका आकलन नहीं किया जा सकता। इंसान को दोबारा खड़े होने की जरूरत है। पंजाब, केरल, कर्नाटक इन राज्यों में बहुत नुकसान हुआ है। ये राष्ट्रीय संकट ही है। केंद्र सरकार महाराष्ट्र की भी मदद करे, ऐसा भी उन्होंने कहा।
सांगली शहर सहित कृष्णा और वारणा परिसर बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बाढ़ से प्रभावित हुए बाढ़ग्रस्तों को मदद करने के लिए कल आदित्य ठाकरे ने यहां दौरा किया। कड़ी धूप में उन्होंने दिनभर बाढ़ग्रस्तों से मुलाकात की। सांगली जिले के अंकली गांव से इस दौरे की शुरुआत हुई। वालवा में बाढ़ग्रस्तों से मिलने के बाद क्रांतिवीर नागनाथ नायकवड़ी व कुसुमताई नायकवड़ी की समाधि का दर्शन भी किया। सरकार से पूरी तरह मदद मिलने तक इसके लिए प्रयास करने का आश्वासन आदित्य ठाकरे से मिलने पर बाढ़ग्रस्त भावुक हो उठे। जगह-जगह आदित्य ठाकरे की सराहना की गई। इस मौके पर सार्वजनिक निर्माण मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे, सांगली जिला संपर्क प्रमुख नितिन बानुगडे-पाटील, सांसद राजन विचारे, धैर्यशील माने, डॉ. श्रीकांत शिंदे, लक्ष्मण वडले, सांगली जिला प्रमुख आनंदराव पवार सहित बड़ी संख्या में शिवसेना पदाधिकारी उपस्थित थे।