केबिन नंबर- ३६५, म्हाडा के युवराज चीटरों के सरताज

म्हाडा के मकानों का जलवा आम आदमी के बीच आज भी बरकरार है। इसी का फायदा म्हाडा के एक ‘युवराज’ ने उठाया और वह बन बैठा चीटरों का सरताज। इस युवराज पर आरोप है कि उसने म्हाडा के अपने केबिन नंबर ३६५ से मकान पाने के इच्छुकों को लाखों का चूना लगाया, जिसके चलते म्हाडा के युवराज को खार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि खार पुलिस ने युवराज सावंत उर्फ युवराज पाटील नामक अधिकारी को कल ठगी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पाटील को म्हाडा में केबिन क्रमांक ३६५ आबंटित की गई थी। इस वैâबिन में ही दलाल ग्राहकों को सस्ते में म्हाडा का मकान दिलाने का झांसा देकर ले जाते थे, जहां मकान दिलाने में मदद करने का आश्वासन देकर उनसे ठगी का खेल खेला जाता था। खार पुलिस थाने में शिकायतकर्ता केतन पवार व राकेश पवार नामक पीड़ितों ने बताया कि वे एक दलाल के जरिए युवराज पाटील से उनके केबिन नंबर ३६५ में मिले थे इसलिए उन्हें पाटील पर विश्वास हो गया। फ्लैट दिलाने के नाम पर उन्होंने किश्तों में १६.५ लाख तथा दूसरे पीड़ित ने २६ लाख रुपए दलाल के मार्फत पाटील को दिए थे। पाटील का गिरोह पीड़ितों को ‘स्पेशल ऑफर कोटा स्कीम-२००९’ के तहत सायन, घाटकोपर सहित मुंबई के विभिन्न इलाकों में म्हाडा के मकान दिलाने का झांसा देता था। ऐसा ही एक गिरोह २०१३ में भी सामने आया था, जिसमें योगेश अहिर नामक एक पीड़ित ने २०१३ में इस गिरोह के विद्याधर उर्फ बबन पाल, सुनीता मोहन तुपसौर, रमेश नारायण चव्हाण तथा योगेश पाटील नामक आरोपियों के खिलाफ २ करोड़ २२ लाख रुपए की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में विद्याधर, सुनीता, रमेश चव्हाण और जितेंद्र गाडिया नामक आरोपियों को वर्ष २०१४ में ही गिरफ्तार किया था।