कैंसर को ‘टाटा’

कैंसर दिनों-दिन तेजी से फैल रहा है। देश में बीमारी से होनेवाली १० मौतों में से एक मौत का कारण कैंसर है। इसके पैâलाव को देखते हुए देश में  कैंसर विशेषज्ञों की काफी कमी है। इस स्थिति में दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टर रोग को जल्दी पकड़ नहीं पाते हैं, जिसके कारण जब बीमारी का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसी के मद्देनजर वैंâसर उपचार के लिए विश्व प्रसिद्ध टाटा मेमोरियल अस्पताल द्वारा देशभर के डॉक्टरों को ऑनलाइन ट्यूशन दिया जा रहा है, जिसमें उन्हें रोग को पहचानने और शुरुआती स्तर पर उचित मार्गदर्शन करने का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
बता दें कि परेल स्थित टाटा अस्पताल में सालाना देशभर से औसतन ६० से ६५ हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से कई मरीजों को इलाज तक पहुंचने में इतनी देर हो जाती है कि उन्हें बचाना नामुमकिन हो जाता है।
लाइसेंस नवीनीकरण में मदद
टाटा अस्पताल के हेड एंड नेक विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया कि दरअसल डॉक्टरों को प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। लाइसेंस नवीनीकरण भी करना पड़ता है। नवीनीकरण कराते वक्त क्रेडिट पॉइंट देखे जाते हैं। क्रेडिट पॉइंट डॉक्टरों को मेडिकल सेमिनार अटेंड करने के बाद मिलता है। दूरदराज में रह रहे डॉक्टरों के लिए शहर में आना मुश्किल होता है। ऐसे में हमने सोचा क्यों न डॉक्टरों का ऑनलाइन ट्यूशन लिया जाए। ट्यूशन के जरिए टाटा अस्पताल के वैंâसर रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा उन्हें सेमिनार के जरिए वैंâसर को पहचानने और पुष्टि करने का पाठ पढ़ाया जाए।

इस वेबसाइट पर ट्यूशन
https://www.omnicuris.com/academics/advanced-clinical-oncolog इस वेबसाइट पर टाटा अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की केस स्टडी व जांच का वीडियो अपलोड किया गया है। कुल १४ घंटे का वीडियो अपलोड किया गया है यानी इच्छुक व्यक्ति उक्त वेबसाइट पर जा कर ट्यूशन ले सकता है।

तंबाकू व्यसनमुक्ति पर हेल्पलाइन
टाटा वैंâसर अस्पताल द्वारा क्विट टोबैको नामक एक हेल्पलाइन चलाई जा रही है। यह हेल्पलाइन तंबाकू के सेवन से निजात दिलाने में मदद करेगी।
क्या कहते हैं आंकड़े
ग्लोबल टोबैको अडल्ट सर्वे (गैट्स) के अनुसार देश में २९ प्रतिशत लोग तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें २२ प्रतिशत पुरुष जबकि ७ प्रतिशत महिलाएं हैं। डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा, ‘गैट्स के अनुसार धूम्रपान करनेवाले ५५ प्रतिशत, जबकि अन्य तंबाकू का सेवन करनेवाले ४९ प्रतिशत लोग इससे छुटकारा चाहते हैं लेकिन उचित मार्गदर्शन, काउंसलिंग या सुझाव न मिलने के कारण वे नशामुक्त नहीं हो पाते हैं।
फोन लगाओ, नशा छुड़ाओ
टाटा अस्पताल और स्वास्थ्य मंत्रालय ने संयुक्त रूप से एक मुहिम चलाई है, जिसमें यदि आपको नशा छुड़ाना है तो बस फोन लगाना होगा। १८००११२३५६ पर कॉल करते ही फोन पर मौजूद सलाहकार आपको नशा छोड़ने के लिए उचित मार्गदर्शन, काउंसलिंग करेंगे। यह सेवा बिल्कुल मुफ्त है।
सफलता के आंकड़े
डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि हेल्पलाइन सेंटर की शुरुआत नई मुंबई के खारघर स्थित टाटा अस्पताल में की गई है। वैसे तो यह सेव १५ जनवरी को ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन इसका आधिकारिक शुरुआत शुक्रवार को किया गया। महज १५ दिन में ही ३ हजार ७८० कॉल आ चुके हैं, औसत देखें तो सेवा शुरू करने के बाद नशे से मुक्ति पाने के लिए रोजाना २५२ कॉल आ रहे हैं। हिंदी, अंग्रेजी और मराठी भाषा में लोगों की मदद की जाती है जबकि ऑनलाइन ट्यूशन का लाभ ७,००० डॉक्टरों ने लिए जिसमें आम डॉक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, डेंटिस्ट आदि क्षेत्र के डॉक्टरों ने भी ऑनलाइन ट्यूशन ली।