" /> कैश में हो सकता है वायरस! कोरोना कर रहा है कैशलेस

कैश में हो सकता है वायरस! कोरोना कर रहा है कैशलेस

 कई लोगों के हाथ से गुजरती है करेंसी
 नोट के प्रदूषित होने का खतरा सबसे ज्यादा
 ‘कैशलेस’ संक्रमण रोकने में हो सकता है मददगार

कोरोना वायरस के संक्रमण ने सभी को डरा दिया है। लोग मास्क पहनकर घूम रहे हैं। मगर जानकारों का मानना है कि हाथों के जरिए वायरस का संक्रमण का खतरा ज्यादा है। इसमें सबसे खतरनाक संक्रमण पैâलानेवाली चीज करेंसी यानी नोट है। एक नोट हजारों हाथों से होकर गुजरता है और वह तमाम तरह की गंदगी व बैक्टीरिया व वायरस का वाहक हो सकता है। अब जबकि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस तेजी से पैâल रहा है तो जानकारों का कहना है कि इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग वैâशलेस का उपयोग ज्यादा करें।
इन दिनों कोरोना वायरस लोगों के बीच चर्चा का विषय है। चीन के वुहान शहर से निकला यह वायरस ईरान, दक्षिण कोरिया, इटली, ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, फिलीपींस, थाईलैंड, ईरान, नेपाल और पाकिस्तान जैसे कई देशों तक पहुंच चुका है। हिंदुस्थान भी इससे अछूता नहीं रहा। दिल्ली समेत देशभर में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट है। एहतियातन दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूल बंद किए गए हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए हिंदुस्थान ने ४ देशों ईरान, इटली, दक्षिण कोरिया और जापान के नागरिकों के वीजा के तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इससे बचने के लिए विशेषज्ञ कई तरह के तरीके बता रहे हैं, जिनमें से एक है कैशलेस होना!
हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए दुकानदारों को गंदी करेंसी और कार्ड्स के संपर्क में आने से बचना चाहिए। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ के एक प्रवक्ता का कहना है कि कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स ‘कोरोना वायरस के पैâलने के खतरे को कम’ कर सकता है। ऐसे में अगर आप कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स (जिसका कार्ड है, वही उसे छुए) को अपनाएंगे तो इस वायरस के पैâलने के चांस कम हो जाएंगे।

 

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