‘कॉम्बेट’ करेगा कमाल : चुपके से होगा वार

भारतीय सेना की तरह अब इंडियन एयरफोर्स यानी आईएएफ भी हथियारों और लड़ाकू विमानों के स्वदेश में विकास का पुरजोर समर्थन कर रही है। तभी तो आईएएफ ने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी सुपर फाइटर एयरक्राफ्ट (एफजीएफए) के विकास के साथ-साथ पहले १२३ मार्क-१ जेट्स को अपने बेड़े में शामिल करने के बाद २०० तेजस मार्क-२ कॉम्बेट एयरक्राफ्ट के लिए भी अपनी तत्परता दिखाई है यानी अब आईएएफ के बेड़े में तेजस मार्क-२ एयरक्राफ्ट्स भी शामिल किए जाएंगे।
एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार भदौरिया के मुताबिक, फिलहाल एफजीएफए यानी फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट को आयात करने का कोई विचार नहीं है। अब अपने देश में ही कॉम्बेट एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जाएगा। स्वदेशी एमसीए यानी अडवांस्ड मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। हम इसमें पूरे जी-जान से काम कर रहे हैं। अब आईएएफ का पूरा ध्यान ट्विन इंजन एमसीएमए पर है, जिसमें चुपके से वार करने की गजब ताकत होगी। इसमें मल्टी-सेंसर इंटिग्रेशन और सुपरक्रूज संबंधी ताकत भी होगी। इसका निर्माण डीआरडीओ, एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्थान एरोनॉटिक्स मिलकर करेंगे। इसके लिए स्विंग रोल एएमसीए प्रोटोटाइप २०२४-२०२५ तक रोल आउट होगा और पहली टेस्ट फ्लाइट उसके एक या दो साल बाद होगी।
आनेवाले समय में आईएएफ सिंगल इंजन तेजस पर फोकस करेगा ताकि वह अपने लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या में कमी को दूर कर सके। फिलहाल इनकी संख्या ३० है, जबकि पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से निपटने के लिए इनकी संख्या ४२ होनी चाहिए। आईएएफ ने एचएएल के साथ तेजस मार्क-आईए जेट की कीमत को घटाकर ३०९ करोड़ रुपए करने में कामयाबी हासिल की है। पहले एचएएल का कहना था कि बुनियादी ढांचे और रखरखाव के साथ पूरी डील ४९,७९७ करोड़ रुपए की होगी। मार्क-२ फाइटर्स में ताकतवर इंजन, उच्च श्रेणी के वैमानिकी और उन्नत ईंधन व हथियार ले जाने की क्षमता होगी। इनका वजन तेजस के मुकाबले ज्यादा यानी १७ टन होगा। फिलहाल आईएएफ के पास जो तेजस है, उसका टन १२ टन है। एसीएम भदौरिया ने कहा कि भारतीय वायुसेना जल्द ही परियोजना के लिए प्रिलिमिनरी अप्रूवल के लिए रक्षा मंत्रालय जाएगी, जिसके बाद आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) जारी किया जाएगा। इस दौड़ में सात दावेदार हैं। ये हैं राफेल (फ्रांस), एफ ए -१८ और एफ -२१ (यूएस), ग्रिपेन-ई (स्वीडन), सुखोई -३५ और मिग-३५ (रूस) और यूरोफाइटर टाइफून।