कॉलेज के यार दम मार, मुंबई के कैंपसों में गांजा गैंग का कब्जा

कॉलेज के छात्र नशे के सौदागरों के हमेशा सॉफ्ट टारगेट रहे हैं। शिक्षा के मंदिर में अध्ययनरत छात्रों के जीवन को धुएं में उड़ाने की योजना नशे के सौदागरों ने बनाई है। हाल ही में पुलिसिया कार्रवाई में गिरफ्तार गांजा गैंग के गुर्गों ने कई चौंकानेवाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने कबूल किया कि उनका टारगेट कॉलेज के छात्र ही ज्यादा होते हैं। पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मुंबई महानगर यानी मुंबई, ठाणे और नई मुंबई के ७३ कॉलेजों में वे गांजे की सप्लाई करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगभग ६० प्रतिशत कॉलेज के छात्र उनके ग्राहक हैं। एक बार नशे की लत लगने के बाद यही छात्र दूसरे छात्रों को भी ‘गांजा मार’ और ‘सुट्टा मार’ का लालच देकर उन्हें भी नशे की गर्त में डालते हैं।
ठाणे नारकोटिक्स द्वारा गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की जांच में बताया कि गांजे की खेप को आंध्र प्रदेश राज्य से लाया जाता था। एक बार ठाणे शहर पहुंचते ही गांजे को सुरक्षित जगह पर रख दिया जाता है। जिसके बाद मुख्य गांजा तस्कर सभी छोटे-छोटे तस्करों से फोन अथवा व्हॉट्सऐप के जरिए संपर्क करता है। यह बड़ा तस्कर (होलसेलर) बड़ी खेप में से किलो के भाव में छोटे-छोटे गांजा तस्करों को बेच देता है। किलो के भाव में खरीदे गए गांजे को ये छोटे तस्कर छोटी-छोटी प्लास्टिक की थैलियों में एक तोला, दो तोला वजन की मात्रा में भरकर रख देते हैं। जिस तरह मुख्य तस्कर के दोस्त ये छोटे-छोटे तस्कर होते हैं उसी तरह इन छोटे तस्करों के कुछ अपने तय ग्राहक होते हैं। ये ग्राहक तस्कर के जान-पहचानवाले होते हैं। ये तस्कर प्लास्टिक की १ तोले की गांजे की पुड़िया को ७५ रुपए कीमत पर बेचते हैं जबकि २ तोले की पुड़िया को १२० रुपए में बेचते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जो ग्राहक अधिक गांजा खरीद रहा है तो उसे कुछ हद तक छूट भी दी जाती है। बता दें कि ठाणे नारकोटिक्स विभाग ने पिछले १ हफ्ते में बड़ी मात्रा में गांजा लानेवाले कुल ३ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामचंद्र साहू (४०), विक्टर राजू (४७) और बल्ला बादरराव का नाम शामिल है। आरोपियों के पास से साढ़े २८ किलो गांजा जप्त किया गया है जिसकी कीमत ४ लाख २० हजार रुपए बताई जा रही है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि बड़े से लेकर कुल छोटे तस्कर मुंबई महानगर स्थित कुल ७३ कॉलेजों में गांजे की सप्लाई करते हैं। साथ ही इन तस्करों के ग्राहकों में कुल ६० प्रतिशत कॉलेज विद्यार्थियों का समावेश है। ठाणे नारकोटिक्स विभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे की खेप देनेवाले छोटे तस्करों पर भी जल्द ही कार्रवाई शुरू की जानेवाली है और उन तस्करों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।