" /> कोरोनाग्रस्त शव का श्मशानवालों ने अंत्येष्टि से किया मना, मंत्री के हस्तक्षेप से हुआ अंतिम संस्कार

कोरोनाग्रस्त शव का श्मशानवालों ने अंत्येष्टि से किया मना, मंत्री के हस्तक्षेप से हुआ अंतिम संस्कार

-स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप से किया अंतिम संस्कार
-परिजनों को शव के नजदीक जाने की नहीं दी इजाजत

दिल्ली में कोराना से हुई पहली मोैत के अंतिम संस्कार में काफी दिक्कतें आईं। मृतक महिला के शव को शमशान घाट वालों ने अंत्येष्टि के लिए मना कर दिया। उनको डर था कहीं उनकी अंत्येष्टि से संक्रमण न फैल जाए। इस कारण शव निगम बोध घाट पर कई घंटों रखा रहा। शमशान घाट पर शव को अस्पताल के कर्मचारी लेकर पहुंचे। शव के मीटरों दूर तक किसी को भी जाने की इजाजत नहीं दी गई। परिजनों के लिए भी बंदी थी। वह मीटरों दूर खड़े होकर ही रो-बिलख रहे थे। उन्हें शव को कंधा तक नहीं देने दिया गया। कोरोना से जान गंवाने वालीं दिल्ली की एक बुजुर्ग महिला की दो दिन पहले आरएमएल अस्पताल में मौत हो गई थी। कोरोना पीड़ितों और मृतकों से संक्रमण फैलने के डर से केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी की हुई हैं। इसलिए अस्पताल प्रशासन सर्तकता बरत रहा था। मृतक का शव बीती शनिवार सुबह अस्पताल कर्मी निगम बोध घाट लेकर पहुंचे। परिजनों को भी घाट पर ही पहंुचने को कहा गया। इसी बीच निगम बोध घाट वालों को पता चल गया कि जो शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचा है वह कोरोना ग्रस्त है। इसके बाद घाट में हड़कंप मच गया। घाट पर रोजाना दर्जनों शवों की अंत्येष्टि होती है। घाट वालों को इस बात की आशंका थी कहीं इससे घाट में संक्रमण न फैल जाए, इसलिए उन्होंने दूसरे घाट पर ले जाने कह दिया। परिजनों ने दूसरे घाट पर संपर्क किया तो उन्होंने भी मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से संपर्क किया। उनके हस्तक्षेप के बाद घाट प्रशासन अंत्येष्टि के लिए राजी हुआ। लेकिन अंतिम संस्कार अग्नि से फिर भी नहीं किया, सीएनजी से हुआ। परिजनों को सीएनजी शवदाह गृह के बाहर रोका गया। पार्थिव शरीर को ले जाने की इजाजत अस्पतालकर्मी को ही थी।

घटना के बाद शमशान घाटों को अंत्येष्टि के लिए दिशानिर्देश किए जारी

दिल्ली की इस घटना के बाद पूरे देश के शमशान घाटों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशित किया गया है कि कोरोनो से हुई मौतों की अंत्येष्टि के लिए किसी तरह का कोई भेदभाव न किया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शव की अंत्येष्टि से कोरोनावायरस संक्रमण नहीं फैलता। दिल्ली एम्स अस्पताल के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने भी साफ किया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित शव से कोरोना नहीं फैलता।