" /> कोरोना अलर्ट!, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का जिलाधिकारियों को निर्देश

कोरोना अलर्ट!, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का जिलाधिकारियों को निर्देश

कोरोना के दुष्परिणाम को रोकना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अभी भी राज्य में परिस्थिति नियंत्रण में है लेकिन भीड़-भाड़ से बचना होगा। इस दृष्टिकोण से सभी धर्म के पूजा स्थलों में नियमित पूजा-अर्चना शुरू रखते हुए भक्तों की भीड़ रोकने का निर्देश प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया है।
संसर्गजन्य रोग प्रतिबंधक कानून पर कड़ाई से अमल करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों पर है। इस संकट से निकलने के बाद धार्मिक त्यौहार, उत्सव पूर्ववत मनाए जा सकेंगे। इस वक्त जनता का स्वास्थ्य ही प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस का पैâलाव न हो, इससे बचने के लिए किसी भी पार्टी, संगठन का राजनीतिक कार्यक्रम, समारोह, सम्मेलन नहीं होना चाहिए। कल वर्षा आवास पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों से वीडियो कांप्रâेंसिंग के जरिए संवाद किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, राज्यमंत्री राजेंद्र पाटील-यड्रावकर, मुख्य सचिव अजोय मेहता, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोनाग्रस्त है तो वो गुनहगार नहीं है। उसे समुचित औषधोपचार और मानसिक सहारा दिया जाए। राज्य में लागू संसर्गजन्य रोग प्रतिबंधक कानून जनता के हित के लिए है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन मुहिम चलाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों में भय है। जो मरीज पॉजिटव पाए गए हैं, उन्हें मानसिक सहारा देने की जरूरत है। क्वॉरंटाईन किए गए स्थान पर उन्हें आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। राज्य में जो मरीज भर्ती हैं, वे उपचार को प्रतिसाद दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि नियम सभी के लिए समान हैं। धार्मिक पर्व-उत्सव, समारोह के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों को किसी भी हाल में अनुमति न दी जाए। जिन नागरिकों को होम क्वॉरंटाईन कहा गया है, वो खुद ही घर पर रहकर, अपने साथ-साथ दूसरों के भी स्वास्थ्य का खयाल रखें। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल बंद करते समय ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक स्वच्छतागृह जैसे स्थानों पर सैनिटाइजर, साबुन और पानी उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी पर्यटकों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आव्हान किया कि राज्य सरकार कोरोना का प्रभाव रोकने के लिए हर आवश्यक उपाय योजना कर रही है।
कोरोना की आपातकालीन उपाय योजना के लिए अति आवश्यक निधि की पहली किस्त के तौर पर ४५ करोड़ रुपए विभागीय आयुक्तों को दी जाएगी। जिन यात्रियों को घर पर रहकर क्वॉरंटाईन करने की सूचना दी गई है, उस पर प्रभावी अमल किया जाए। यह आव्हान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया।
महत्वपूर्ण निर्णय
 ग्रामीण इलाकों के स्कूल बंद किए जाएंगे।
 कोरोना की उपाय योजना के लिए तत्काल निधि के लिए कोकण और पुणे विभागीय आयुक्त को १५ व १० करोड़ रुपए और इसी तरह नागपुर, अमरावती, संभाजीनगर व नासिक विभागीय आयुक्तों को पांच-पांच करोड़ रुपए, कुल ४५ करोड़ रुपए की पहली किस्त दी जाएगी।
 जिन्हें शत-प्रतिशत घर पर क्वॉरंटाईन की सूचना दी गई है, उनके बाएं हाथ पर निशान बनाया जाए, जिसके चलते उस इंसान को पहचाना जा सके।
 केंद्र सरकार ने जिन सात देशों की यात्रा करके वापस लौटनेवाले यात्रियों की क्वॉरंटाईन अनिवार्य करने की सूचना दी है, उनमें राज्य सरकार की ओर से दुबई, सऊदी अरब और अमेरिका का भी समावेश किया गया है।
 आवश्यकता पड़ने पर वेंटिलेटर और अन्य उपकरण स्थानीय बाजार से खरीदने का जिला प्रशासन को अधिकार।
 कल से मंत्रालय में आनेवालों को प्रवेश न देने का निर्णय।
 नागरिक सरकारी कार्यालयों में जाकर भीड़ न करें। उसकी बजाय ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायतें, आवेदन भेजें, उस पर जिला प्रशासन को सात दिन में कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है।
 होम क्वॉरंटाईन में सूचित किए गए व्यक्ति की पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन में कर्मचारी की नियुक्ति की जाए।
 धर्मगुरु, जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर व्यापक जनहित के लिए कानून का प्रभावी उपयोग किया जाए।

आइसोलेशन कक्ष का पालकमंत्री ने लिया जायजा
ठाणे। कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए मनपा के कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी अस्पताल में तैयारियों का जायजा सोमवार को नगरविकास मंत्री व जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने लिया। उन्होंने ठाणेकरों से इससे किस प्रकार बचा जाए और क्या उपाय योजना की जानी चाहिए? इस प्रकार की सूचना प्रशासन द्वारा दी गई। सभी सूचनाओं का पालन करने का आह्वान भी उन्होंने किया है साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में कुल चार क्रमश: नई मुंबई में ३ और ठाणे मनपा की सीमा में एक पॉजिटिव मरीज मिला है और इनका इलाज मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है इसलिए ठाणेकरों को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। जिले सहित ठाणे मनपा क्षेत्र में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी अस्पताल में आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है। जिसका औचक दौरा कर पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले में अब तक ४ मरीज कोरोना के पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में संभावित खतरे को देखते हुए जिले में १३६ वॉर्ड का आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है जबकि निजी अस्पतालों में २५ वार्ड आरक्षित रखे गए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की तरफ से कोरोना को रोकने के लिए विभिन्न उपाय योजना की जा रही है। पालकमंत्री ने कहा कि सरकार तो अपना काम कर रही है लेकिन नागरिकों को भी अपने स्तर पर सतर्कता बरतना चाहिए और उन्हें भीड़-भाड़ की जगहों पर जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा सरकार ने कुछ दिशा-निर्देश दिए हैं, जिसका पालन सभी नागरिकों को करना चाहिए।