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कोरोना इफेक्ट: गंगा आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद, सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम स्थगित

कोरोना वायरस का असर इन दिनों हर जगह देखने को मिल रहा है। चाहे फिर सार्वजनिक स्थान हो या लोगों की निजी जिंदगी कोरोना की वजह से हर कोई काफी बचाव के उपाय कर रहा है। इन सब के बीच अब इस वायरस का असर धार्मिक और परंपरागत अनुष्ठानों पर भी पड़ने लगा है। ऐसा ही असर वाराणसी के दो आयोजनों पर पड़ा है। एक तरफ जहां दशाश्वमेध घाट पर होने वाली नियमित गंगा आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर यहां आने से रोक लगा दी गई है। वहीं अस्सी घाट पर बीते 5 सालों से चल रहे सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया गया है। पांच सालों में यह पहला मौका होगा, जब अस्सी घाट पर होने वाले सुबह-ए-बनारस के कार्यक्रम को स्थगित किया गया है।
वाराणसी में नोवेल कोरोना वायरस (कोवि‍ड-19) को देखते हुए महामारी एक्ट में नि‍षेधाज्ञा लागू हो चुकी है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने वाराणसी के वि‍भि‍न्‍न घाटों पर होने वाली नित्य गंगा आरती के आयोजकों से आरती के प्रारूप को सीमि‍त करने की अपील की। इसके बाद गंगा सेवा निधि ने आगामी 15 अप्रैल तक संध्या गंगा आरती को सात की जगह एक अर्चक से करवाने का फैसला लिया।
इस फैसले के बाद गंगा सेवा निधि ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वो नोवेल कोरोना वायरस-19 से बचाव के लिए गंगा आरती में शिरकत न करें। इसके अलावा प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती की आयोजन समिति गंगोत्री सेवा समिति ने भी एक अर्चक द्वारा गंगा आरती करवाने का फैसला किया है।