" /> कोरोना काल में स्पाइस जेट की मुनाफाखोरी : दूसरी फ्लाइट में नहीं किया एडजस्ट

कोरोना काल में स्पाइस जेट की मुनाफाखोरी : दूसरी फ्लाइट में नहीं किया एडजस्ट

देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। जान बचाने के साथ ही सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में पूरा देश एक-दूसरे की बैसाखी बनने की कोशिश कर रहा है लेकिन देश की प्रतिष्ठित विमानन कंपनी ‘स्पाइस जेट’ इस कोरोना काल में भी लोगों के लिए न सिर्फ परेशानियां खड़ी कर रही है, बल्कि असंवेदशीलता की हद है कि स्पाइस जेट मुनाफाखोरी में जुटी है।
मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई निवासी बिपिन गुप्ता ने अपने बीमार और वृद्ध माता-पिता से मिलने के लिए लॉकडाउन खुलते ही स्पाइस जेट में 10 जून को मुंबई से बनारस का टिकट बुक करवाया था। उनका पीएनआर नंबर आर7बीवीजीआई था। कंपनी ने उन्हें सूचित किया कि आपकी फ्लाइट महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कैंसल कर दी गई है। हालांकि स्पाइस जेट की उसी दिन मुंबई से बनारस की दो अन्य फ्लाइट भी थीं, जिससे साफ है कि स्पाइस जेट सिर्फ मामले की लीपापोती कर रहा है।
बिपिन गुप्ता स्पाइस जेट की टीम से जुड़े कई अधिकारियों से अनुरोध करते रहे कि उनका अपने वृद्ध और बीमार पिता से मिलने जाना जरूरी है। ऐसे में उनको किसी और फ्लाइट में एडजस्ट किया जाए लेकिन स्पाइस जेट उन पर फ्रेश बुकिंग के लिए दबाव बनाता रहा। वहीं फ्रेश बुकिंग का किराया तीन हजार बढ़ा हुआ था इस मामले में ‘दोपहर का सामना’ ने ईमेल के जरिए स्पाइस जेट से बात की तो स्पाइस जेट की ओर से सफाई दी गई कि राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण परिचालन रुकने से उड़ान को रद्द करना पड़ा, जो एयरलाइन के नियंत्रण से परे था। यात्री को स्पाइसजेट द्वारा पूर्ण धन वापसी की पेशकश की गई, जिसे लेने से उन्होंने इंकार कर दिया। मूल बुकिंग के लिए भुगतान की गई पूरी राशि एक क्रेडिट सेल में रखी जा रही है, जिसका उपयोग 31 मार्च, 2021 तक यात्रा के लिए नई बुकिंग के लिए किया जा सकता है।