" /> कोरोना का खौफ!

कोरोना का खौफ!

कोरोना के प्राणघातक वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचाकर रख दिया है। चीन के वुहान प्रांत में उत्पन्न यह वायरस रोज नए-नए देशों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जहां देखो वहीं कोरोना की दहशत पैâली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को ‘वैश्विक महामारी’ के रूप में घोषित किया है। मैं-मैं कहनेवाले समर्थ देशों और अमेरिका जैसे वैश्विक महासत्ता को भी कोरोना वायरस ने भयभीत कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को छोड़कर पूरे यूरोप में हवाई यातायात रोकने की घोषणा की है। हालांकि कोरोनाग्रस्त मरीजों की कुल संख्या की तुलना में जान गंवानेवाले मरीजों की संख्या दो से तीन प्रतिशत ही है। जबकि कोरोना के संक्रमण से ज्यादा अफवाहों का बाजार गर्म होने के कारण सारी दुनिया में इस वायरस ने दहशत मचा दी है। इस वायरस का मुकाबला करनेवाला टीका और प्रतिबंधात्मक उपाय करनेवाली दवाइयां उपलब्ध न होने के कारण कोरोना का डर बढ़ गया है। हिंदुस्थान में भी ये वायरस हाथ-पैर पसार रहा है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र है। इसलिए महाराष्ट्र सरकार कोरोना की आपत्ति को रोकने के लिए युद्धस्तर पर प्रयासरत है। भीड़वाले समारोह और उत्सव रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। सतर्कता बरतते हुए राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य यंत्रणा विदेश से आनेवाले यात्रियों की हवाई अड्डे पर जांच कर रही है। मुंबई ही नहीं देश के हर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस प्रकार की जांच करके संदिग्ध मरीजों को तुरंत अलग किया जा रहा है। इसके बावजूद दुबई से मुंबई आए पर्यटकों के एक समूह के कारण ये वायरस मुंबई और पुणे में पहुंच ही गया। कुछ पर्यटक मराठवाड़ा भी पहुंचे। इस यात्रा में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने से कुछ लोग कोरोना की चपेट में आ गए। सिर्फ पुणे में ही आठ कोरोनाग्रस्त मरीज पाए गए हैं। मुंबई में दो पर इस वायरस ने हमला किया है। जहां पर ये मरीज मिले वहां के आसपास लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में हर व्यक्ति की जांच करने का काम महाराष्ट्र सरकार ने शुरू किया है। हमारी एक गलती के कारण अपनी और संपर्क में आनेवाले लोगों की भी जान हम खतरे में डाल रहे हैं, विदेश यात्रा करके आए व्यक्ति ने ये सोचा होता तो कोरोना ने अपना सिर उठाया ही नहीं होता। इटली, ईरान, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से आए यात्रियों के कारण केरल, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में भी कोरोनाग्रस्त मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देशभर में कोरोनाग्रस्त मरीजों की संख्या ७५ से ज्यादा घरों में पहुंच गई है। दिसंबर महीने में यह वायरस सबसे पहले चीन में पाया गया। चीन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए उपाय योजना करके पूरी दुनिया को सावधान करने की बजाय इस मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया। पूरी दुनिया को संकट में धकेलनेवाले चीन के इस कृत्य के पीछे कौन-सा रहस्य छिपा था ये वैश्विक समुदाय को चाहिए कि वो चीन से जवाब मांगे। आज परिस्थिति इतनी भयानक हो चुकी है कि दुनिया का हर देश कोरोना के संक्रमण को रोकने की चिंता से ग्रस्त है। दुनियाभर में सवा लाख से ज्यादा लोग कोरोना से ग्रस्त हो गए हैं। सिर्फ चीन में ही ३,१०० से ज्यादा लोग कोरोना के कारण काल के गाल में समा गए। चीन के बाद इटली में ८२७ लोगों की जान गई। अमेरिका में ३१ और दक्षिण कोरिया में ७० लोग मारे गए। ईरान सहित खाड़ी देशों में भी कोरोनाग्रस्तों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना के हाहाकार से इंसानों की जान तो जा ही रही है लेकिन इस वायरस के खौफ का झटका दुनिया के हर क्षेत्र में लग रहा है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई यातायात के बारह बज गए हैं और पर्यटन ठप हो गया है। उद्योग-व्यापार टूट रहे हैं। शेयर बाजार के साथ ही निवेशक भी उद्ध्वस्त हो चुके हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था का अरबों डॉलर्स का नुकसान हुआ है। इसलिए कोरोना के संक्रमण को रोकने के साथ ही अर्थव्यवस्था की गर्दन पर बैठे वायरस की दहशत को दूर करने के दोनों मामलों में सरकार को मेहनत करनी ही पड़ेगी।