" /> कोरोना का रोना, ७० प्रतिशत होटल इंडस्ट्री डाउन!, संकट गहराएगा, बेरोजगारी बढ़ाएगा

कोरोना का रोना, ७० प्रतिशत होटल इंडस्ट्री डाउन!, संकट गहराएगा, बेरोजगारी बढ़ाएगा

जब से कोरोना वायरस ने हिंदुस्थान में दस्तक दी है, तब से होटल इंडस्ट्री के हाथ-पांव फूलना शुरू हो गए हैं। कोरोना के मामले सामने आते ही एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है जबकि रोजाना होनेवाली कमाई ७० फीसदी डाउन हो गई है। होटल कारोबारियों की मानें तो यदि इसी तरह कोरोना का रोना चलता रहा तो होटल इंडस्ट्री का संकट गहरा जाएगा और बेरोजगारी बढ़ जाएगी क्योंकि ग्राहक न मिलने के कारण कई होटल बंद होने के कगार पर आ गए हैं।
बता दें कि मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई जिलों में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में सबसे अधिक कोरोना के पॉजिटिव मामले महाराष्ट्र में ही सामने आए हैं। कोरोना का संक्रमण लोगों में न पैâले इसलिए स्कूल, कॉलेज, मॉल समेत सभी सार्वजनिक स्थलों को ३१ मार्च तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। फाइव स्टार होटलों से लेकर छोटे होटलों का धंधा काफी डाउन हो गया है। शहर और देश के होटलों का प्रतिनिधित्व करनेवाली दो प्रमुख संस्थाएं ‘फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ और ‘इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन’ (आहार) की मानें तो होटल इंडस्ट्री की हालत काफी बुरी चल रही है। जैसे-जैसे मामले बढ़ रहे हैं, लोग बाहर निकलने से भी घबरा रहे हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मानें तो पिछले १५ से २० दिनों में रोजाना होनेवाले कारोबार में ४५ से ६० प्रतिशत की गिरावट हुई है। फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष दिलीप दतवानी ने बताया कि धंधा में लगभग ६० से ७० प्रतिशत की गिरावट हुई है। संक्रमण का संकट तो है ही, ऊपर से सरकार ने एक्साइज लाइसेंस की फीस भी १५ प्रतिशत बढ़ा दी है। होटलों में ग्राहक कम आ रहे हैं। यदि सरकार ने इंडस्ट्री को सपोर्ट नहीं किया तो छोटे होटल्स बंद हो जाएंगे। आहार के अध्यक्ष शिवानंद शेट्टी ने कहा कि ६० प्रतिशत बिजनेस डाउन है, न तो ग्राहक होटल में आ रहे हैं और न ही टेक अवे ऑर्डर। बाहर के पर्यटक भी नहीं आ रहे हैं। ‘आहार’ लगभग २० लाख लोगों को रोजगार देता है। ऐसे में इस वायरस का संकट टला नहीं तो बहुत से होटल बंद हो सकते हैं। कई लोगों की नौकरी भी जा सकती है। कई होटल किराए पर हैं। अगर ग्राहक ही नहीं आएंगे तो होटल का किराया, लाइट बिल, मेंटेनेंस, कर्मचारियों का वेतन कहां से निकलेगा?