" /> कोरोना का होगा देसी ईलाज! महाराष्ट्र में शुरू होगा आयुष से कोरोना का इलाज!

कोरोना का होगा देसी ईलाज! महाराष्ट्र में शुरू होगा आयुष से कोरोना का इलाज!

कोरोना के मरीजों का अब महाराष्ट्र में देसी इलाज होगा। केद्र की तरफ से आर्युवेद से कोरोना के इलाज की अनुमति मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार कोरोना का आर्युवेदिक इलाज शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके लिए महाराष्ट्र के आयुष के डॉक्टरों ने सरकार से अनुमति मांगी है। आयुष के डॉक्टर्स इसके इलाज की अनुमति चाहते हैं।

गौरतलब है कि कोरोना के मरीजों के इलाज के समय यह बात सामने आई है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है, उन्हें कोरोना नहीं हो रहा है, यदि किसी को हुआ भी है, तो वह बहुत जल्द ठीक हो जा रहे है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष के तहत कोरोना के इलाज की संभावनाएं तलाश करने को कहा था। केंद्र सरकार ने आयुष के माध्यम से कोरोना के इलाज को अुनमति दे दी है। मुख्यमंत्री की कोर टीम के सदस्य माने जानेवाले परिवहन मंत्री अनिल परब का कहना है मुझे लगता है कि आयुष की दवाओं से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, यह नुकसान दायक भी नहीं है तो यह मरीजों को दी जानी चाहिए। सरकार इन बातों पर विचार कर रही है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे।

आर्युवेद
आर्युवेद के एमडी महेश संघवी ने बताया कि आश्वगंधा, गुरूचि, यस्टिमधि और आयुष 64 और दूसरे तरीकों से कोरोना के इलाज की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि हमने महाराष्ट्र सरकार से बहुत पहले ही कोरोना के इलाज के लिए अनुमति मांगी है। अभी तक हमें अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत-सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवाइयां हैं, जिन्हें मरीजों को दिया जा सकता है। उन्होंने कहा हमने सरकार से कुछ मांगें रखीं हैं। जिन लोगों को लक्षण हैं, उनके इलाज की अनुमति दें। इसके बाद सभी कोरोंटाइन मरीजों के इलाज की अनुमति दें। अंत में कोरोना बाधित मरीजों को भी आर्युवेद के इलाज की अनुमति दें। उन्होंने कहा कि कल से ठाणे में हम 600 मरीजों को आर्युवेदिक दवाएं देने जा रहे हैं। इंट्रीग्रेटेड मेडिसिन प्रेक्टिशनर एसोसिएशन (यूनानी, एलोपैथी) डॉ. जुबैर शेख बताते हैं कि यूनानी पद्धति में कोरोना के मरीजों के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कारगर इलाज हैं। हमारे डॉक्टर राज्य के कई कोरंटाइन सेंटरों पर काम कर रहे हैं। हम सरकार के साथ मिलकर कोरोना को हाराने का काम करेंगे। हमारे पास महाराष्ट्र में लगभग आठ हजार डॉक्टर हैं, हम सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं। होमियोपैथी के महाराष्ट्र युनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस के होमियोपैथी फैकिलेटी डीन डॉ. धनाजी गोविंद बागल ने कहा कि सरकार ने हमें अभी तक इलाज की अनुमति नहीं दी है। होमियोपैथी को भी आर्युवेद की तरह कोरोना बाधित मरीज के इलाज की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा हमारे पास ऐसी दवाइयां हैं, जो कोरोना के तीनों स्टेजों पर कार्य कर सकती हैं। होमियोपैथी मेंं महाराष्ट्र में लगभग 70 हजार डॉक्टर हैं, जो राज्य को अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।