" /> कोरोना किट घोटाले में आईजी की सोशल एक्टिविस्ट पत्नी की ‘एंट्री’!

कोरोना किट घोटाले में आईजी की सोशल एक्टिविस्ट पत्नी की ‘एंट्री’!

●’ऑडियो क्लिप’ के जरिये घोटाले का पर्दाफाश करने वाले एमएलए पर लगाया पूर्व डीएम पर ‘अनुचित दबाव’ बनाने का लगाया आरोप

यूपी के सनसनीखेज कोरोना किट घोटाले में अब चर्चित पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ ठाकुर की सोशल एक्टिविस्ट पत्नी नूतन ठाकुर की भी ‘एंट्री’ हो गई है। उन्होंने इस घोटाले में नाम आने के बाद सुल्तानपुर डीएम के चार्ज से हटाई गईं आईएएस अधिकारी सी इंदुमती व एक पत्रकार के मध्य फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप वायरल की है। इस ऑडियो में सुल्तानपुर की पूर्व डीएम ने आरोप मढ़ा है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े भ्रष्टाचार के एक आरोपी को बचाने के लिए एमएलए देवमणि द्विवेदी व कई अन्य नेता उनपर अनुचित दबाव बना रहे हैं। जिसके संदर्भ में उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी को पत्र लिख कर मामले की जांच व कार्रवाई की मांग कर डाली है।

डीजीपी को लिखे गए पत्र में सोशल एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने सुल्तानपुर नगर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी व सरकारी धन के दुरुपयोग, गबन किये जाने के मुकदमे व पूर्व डीएम सुल्तानपुर सी इंदुमती तथा प्रयागराज के एक पत्रकार की कथित बातचीत की ऑडियो क्लिप का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि नगर कोतवाली में यह मुक़दमा हाइकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर पीआईएल के बाद डीएम सुल्तानपुर द्वारा गठित जांच समिति की आख्या के आधार पर दर्ज किया गया। जिसके अनुसार, आरोपी संतोष कुमार सिंह ने कई विद्यालयों के नाम फर्जी तरीके से मान्यता प्राप्त कर सांसद/विधायक निधि का रु० ३२.७० लाख गबन कर लिया गया। इस संबंध में बातचीत में तत्कालीन डीएम इंदुमती ने फोन पर बताया था कि ‘मामले में एमएलए लंभुआ देवमणि द्विवेदी अभियुक्त को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। विवेचना में भी गलत दवाब बनाया जा रहा है। द्विवेदी इसके अतिरिक्त भी कई मामलों में गलत दवाब बनाते रहे हैं।’ सोशल एक्टिविस्ट नूतन ने इन तथ्यों के आधार पर विवेचना में बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, और डीआरडीए से जुड़े तमाम अन्य गबन आदि के मामले सम्मिलित करते तथा इस अवधि के मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आदि भी भूमिका को देखे जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस मामले में एमएलए द्विवेदी व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए जा रहे कथित अनुचित दवाब के आरोपों की भी जांच किये जाने की मांग की है।