" /> कोरोना की हिटलिस्ट पर युवा वर्ग : ठाणे में 341 युवा कोरोना की गिरफ्त में

कोरोना की हिटलिस्ट पर युवा वर्ग : ठाणे में 341 युवा कोरोना की गिरफ्त में

लॉकडाउन के दौरान माताएं अपने बच्चों को घर से बाहर जाने से रोकती हैं लेकिन युवा वर्ग मां की बात यह कहकर टाल देता है कि उसकी इम्युनिटी पॉवर ( रोगप्रतिकारक क्षमता) अधिक है और कोरोना उसे अपनी गिरफ्त में नहीं ले सकता लेकिन आंकड़े साफ बता रहे हैं कि कोरोना वायरस किसी को भी नहीं छोड़ रहा है। इसका जीता-जागता उदाहरण ठाणे जिला हैै, जहां कुल कोरोना ग्रसित मरीजों में से 341 युवा वर्ग के लोग हैं, जिन्हें कोरोना ने अपना शिकार बना लिया है।
बता दें कि कोरोना वायरस ठाणे जिले सहित पूरे राज्य में तेजी से फैल रहा है। कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन जारी किया गया हैै। लॉकडाउन के बावजूद युवा वर्ग किसी न किसी बहाने सड़क पर अपने दोस्त यारों के साथ सैर पर निकलते नजर आ रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी रोगप्रतिकारक क्षमता अधिक है और उन्हें कोरोना वायरस नहीं हो सकता। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ठाणे जिले में कुल 947 मरीजों में से 26 वर्ष से 40 वर्ग के लोगों की संख्या 341 है, वहीं 1 वर्ष से 25 वर्ष के लोगों की संख्या 190 है। इसी प्रकार 60 वर्ष के ऊपर के कोरोना ग्रसित मरीजों की संख्या 80 पर जा पहुंची है। आंकड़े साफ जाहिर कर रहे हैं कि कोरोना वायरस किसी को भी नहीं छोड़ रहा है इसलिए अपने परिजनों की बात मानकर युवा वर्ग से घर से बाहर न निकले ऐसा निर्देश स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया जा रहा हैं।
पुरुषों की तुलना में महिलाएं हैं स्ट्रांग
ठाणे जिले में कोरोना ग्रसित मरीजों में 50 प्रतिशत से अधिक पुरुष मरीजों का समावेश है। कुल 947 मरीजों में से 539 पुरुष मरीज हैं, वहीं 328 महिला मरीजों का समावेश है। यह साफ दर्शाता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं स्ट्रांग हैं।
घर में रहो सुरक्षित रहो
ठाणे नोडल अधिकारी डॉ. कैलाश पवार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान युवाओं के बाहर घूमने के मामले सामने आ रहे हैं। ये बाहर घूमनेवालों के लिए बहुत बड़ा खतरा है इसलिए घर में रहो और सुरक्षित रहो का निर्देश दिया है।

वर्ष                           मरीज

1वर्ष से 25 वर्ष           190
26वर्ष से 40 वर्ष         341
41वर्ष से 50 वर्ष         149
51वर्ष से 59 वर्ष         160
60वर्ष से अधिक          80