" /> कोरोना के इलाज हेतु स्वतंत्र डेडीकेटेड अस्पताल शुरू हो : महापौर की जिलाधिकारी से मांग

कोरोना के इलाज हेतु स्वतंत्र डेडीकेटेड अस्पताल शुरू हो : महापौर की जिलाधिकारी से मांग

◼️ पोगांव स्थित 30 हजार स्क्वायर फीट की जगह पर अस्पताल को दें मंजूरी
◼️ 500 बेड का हो अस्पताल, 200 बेड पर ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था

भिवंडी में बढ़ते कोरोना के मद्देनजर महापौर प्रतिभा विलास पाटील ने ठाणे जिलाधिकारी से शहर से छह किमी दूर पोगांव इलाके में कोविड-19 डेडीकेटेड अस्पताल शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि 30 हजार स्क्वायर फीट की जगह में उक्त अस्पताल तत्काल 500 बेड का हो, जिसमें करीब डेढ़ सौ से 200 बेड पर ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था भी हो ताकि कोरोना मरीजों का आसानी से इलाज हो सके।
ठाणे जिलाधिकारी को दिए गए लिखित पत्र में भिवंडी महानगरपालिका महापौर प्रतिभा विलास पाटील ने बताया है कि भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत व ग्रामीण भाग में कोविड-19 मरीजों की संख्या दिनोंदिन तेजी से बढ़ रही है। शहर व तालुका हेतु कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए आईजीएम उपजिला अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था की गई है परंतु उक्त अस्पताल रोगियों से फुल है। शहर में आवश्यक ऑक्सीजन बेड की संख्या की अत्यंत कमी को देखते हुए कुछ दिन पहले अनेक रोगियों की ऑक्सीजन व सही इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई है। 01 जून, 2020 से शासन की तरफ से लॉकडाउन में छूट देने के कारण भिवंडी शहर के बाजारों व सड़कों पर नागरिकों की भीड़ बढ़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप शहर में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराना गरीबों के बस की बात नहीं रह गई है। अनेक कोरोना मरीज घरों में रहकर इलाज कराने को मजबूर हैं, जो शहर के लिए अत्यंत चिंताजनक व गंभीर बात है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि भिवंडी शहर में कोरोना मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है, जिसे देखते हुए शहर में नया कोविड-19 रोगियों के लिए स्वतंत्र डेडीकेटेड अस्पताल शासन द्वारा शुरू किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। महापौर ने जिला अधिकारी को भेजे गए पत्र में उल्लेखित किया है कि उपरोक्त संदर्भ में भेजे गए पत्र क्रमांक-1 के अनुसार अरशद सिद्दीकी, ड्यूरा होम का हमारे पास उनका भिवंडी शहर के अंतर्गत गांव स्थित 30 हजार स्क्वायर फीट जगह कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल शुरू करने के लिए देने की विनती की है। वह जगह अस्पताल के लिए देने हेतु पत्र क्रमांक-2 में अपनी तैयारी दिखाई है।