" /> कोरोना के गंभीर रोगियों पर उपचार के लिए अपनाई जाएगी ‘टेली आईसीयू’ तकनीक

कोरोना के गंभीर रोगियों पर उपचार के लिए अपनाई जाएगी ‘टेली आईसीयू’ तकनीक

मुंबई सहित राज्य के सात जिलों में प्रायोगिक तौर पर प्रयोग- स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे

अतिदक्षता विभाग (आईसीयू) में इलाज करा रहे कोरोना रोगियों के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और उपचार सेवाओं में तकनीकी की मदद ली जाएगी। इसके लिए ‘टेली आईसीयू’ सुविधा का उपयोग किया गया है। मुंबई, ठाणे, जलगाव, सोलापुर, संभाजीनगर, अकोला और जालना इन सात जिलों में प्रायोगिक तौर पर यह सुविधा शुरू करने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने दी। राज्य में उपचार चल रहे कुल कोरोना रोगियों में से लगभग 75 प्रतिशत में कोई लक्षण नहीं हैं। लगभग 10 से 15 प्रतिशत रोगियों में हलके लक्षण होते हैं। हालांकि  गंभीर रूप से बीमार लगभग तीन प्रतिशत रोगियों को उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों के इलाज में आईसीयू में जो विशेषज्ञ हैं, उनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। केवल मेडीस्केप इन डॉक्टरों के फाउंडेशन के मार्फत नई तकनीकी ज्ञान ‘टेली आईसीयू’ का उपयोग करने का प्रस्ताव फाउंडेशन ने दिया है। इस फाउंडेशन के माध्यम से उक्त जिलों में आईसीयू का व्यवस्थापन किया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य मन्त्री ने बताया। आईसीयू में प्रत्येक बिस्तर से जुड़े मॉनिटर पर रोगी की चिकित्सीय स्थिति की निगरानी टेली आईसीयू के माध्यम से की जाएगी। इस सेवा के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक रोगी की स्थिति को भी देखेंगे और उपचार की सलाह देंगे। वर्तमान में यह सेवा सात जिलों में प्रायोगिक आधार पर उपलब्ध होगी और इसकी सफलता को देखने के बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में लागू किया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य मंत्री ने बताया।