" /> कोरोना के चलते सुनसान हुई गौशाला : खत्म हो गई है रौनक

कोरोना के चलते सुनसान हुई गौशाला : खत्म हो गई है रौनक

उल्हासनगर कैंप नंबर-5 स्थित स्वामी शांति प्रकाश आश्रम की गोशाला, जहां हजारों भक्तों की दिनभर चहल-पहल मची रहती थी। वो कोरोना के चलते सुनसान और वीरान हो गई है। गौशाला की रौनक लगभग खत्म सी हो गई है।
उल्हासनगर कैंप नंबर-5 स्थित स्वामी शांति प्रकाश आश्रम में सबसे पुरानी गौशाला है। इस गौशाला में सुबह होते ही उल्हासनगर के कोने-कोने से दिनभर में हजारों लोग गौमाता के दर्शन करने अपने साथ रोटी, सींगदाना, गुड़ और घास लेकर पहुंच जाते थे। गौमाता के दर्शन व आशीर्वाद के बिना उल्हासनगर के कई व्यापारी अपना धंधा-व्यवसाय शुरू नहीं करते थे।  गौमाता के लिए लोग दानपेटी में दान भी करते थे लेकिन जबसे लॉकडाउन शुरू हुआ है, तबसे गौशाला बंद करने के कारण भक्त गौमाता के दर्शन से वंचित हो गए हैं और गौशाला वीरान-सी हो गई है।
स्वामी शांति प्रकाश गौशाला के सेवाधारी जेठानंद ने ‘दोकासा’ को बताया कि कोरोना जैसी बीमारी के चलते गौशाला को बंद कर दिया गया है। गौशाला में 1,200 गाय हैं। जेठानंद ने बताया कि गौशाला में गौमाता की सेवा करनेवाले 25 कर्मचारी हैं, जो कि उत्तरभरतीय हैं लेकिन आश्रम की तरफ से कर्मचारियों को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हुई। उनके वेतन के अलावा उनकी अन्य दूसरी सुख-सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया इसलिए एक भी कामगार गौशाला छोड़कर नहीं गया। गायों को नियमित चारा दिया जा रहा है। कष्ट सिर्फ इतना है कि भक्तों के बिना गौशाला की रौनक गायब हो गई है। पहले भक्तों को देखकर गायें रंभाती थीं, लेकिन अब उनका रंभाना कम हो गया है।