" /> कोरोना को रोकने में बांद्रा-माटुंगा ‘नंबर वन’! डबलिंग रेट 100 के पार

कोरोना को रोकने में बांद्रा-माटुंगा ‘नंबर वन’! डबलिंग रेट 100 के पार

मनपा का एच/पूर्व यानी बांद्रा विभाग और एफ/ उत्तर वार्ड यानी माटुंगा व वडाला विभाग कोरोना को रोकने में मुंबई में नंबर वन साबित हुआ है। घर-घर जाकर जांच करने, आवश्यकतानुसार घर पर ही ऑक्सीजन उपचार, प्रभावी क्वारंटीन और प्रतिबंधित क्षेत्र में सख्त नियमों के कारण यहां मरीजों के दोगुने होने की कालावधि108 दिन पर आ गई है। पूरे मुंबई की औसत डबलिंग रेट 41 दिन होने के कारण बांद्रा-पूर्व और माटुंगा तथा वडाला विभाग कोरोना की रोकथाम में ‘नंबर वन’ पर रहा है।

मनपा एच/पूर्व यानी बांद्रा-पूर्व और मनपा एफ/उत्तर वाॅर्ड के सहायक आयुक्तों के मार्गदर्शन में विभाग के अंतर्गत चार चरणों में कार्य किया गया। इसमें नियमों का पालन करने के साथ-साथ हर दिन 7 बजे समीक्षा करके और अगले दिन के लिए एक योजना बनाकर काम किया जाता था। इन दोनों वार्डों के अंतर्गत आनेवाले क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों ने स्क्रीनिंग शुरू की। हर नागरिक की स्क्रीनिंग की गई। सार्वजनिक स्थानों पर स्पर्श रहित सेनिटायजेशन व्यवस्था एवं शौचालयों को दिन में 5-6 बार निर्जंतुकीकरण किया जाता रहा। कंटेनमेंट जोन में पुलिस की सहायता से संपूर्ण नाकाबंदी जैसी उपाययोजनाओं के कारण यहां मरीजों के दोगुने होने की कालावधि 108 दिन हो गई।केंद्रीय टीम ने भी इस विभाग का दौरा किया और कोरोना की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की।

‘चेस द वायरस’ मुहिम हुई सफल
मनपा द्वारा ‘चेस द वायरस’ मुहिम के तहत किए गए प्रयासों से लोगों को कोरोना से बचाने में मदद मिली है। मनपा ने बड़ी संख्या में लोगों की घर-घर जांच कर उन्हें क्वारंटीन किया है और उच्च स्तर पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की है, जिससे मुंबई जैसी सघन आबादीवाले शहर में इस वायरस के प्रसार में भारी कमी आई है।

70 दिनों से ऊपर डबलिंग रेटवाले वॉर्ड
मुंबई के भायखला परिसरवाले ई-वॉर्ड में डबलिंग रेट 77 दिन, एल-वॉर्ड में 73, बी-वार्ड में 71, ए-वॉर्ड में 70, जी/उत्तर वार्ड में 61 और जी/ दक्षिण वार्ड में मरीजों के डबलिंग रेट की अवधि 56 दिन हो गई है।