" /> कोरोना टेस्ट लैब्स की संख्या होगी 60 : अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज

कोरोना टेस्ट लैब्स की संख्या होगी 60 : अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज

राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और महानगरपालिका अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों की मुफ्त जांच, उपचार और भोजन प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी मेडिकल शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने दी।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमित देशमुख ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 संकट के मद्देनजर तत्काल कदम उठाए हैं। महाराष्ट्रभर में मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से तुरंत काम शुरू किया गया है। राज्य में केवल चार कोरोना परीक्षण प्रयोगशालाएं थीं। अब इसकी संख्या बढ़ाकर 40 सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में जांच की जा रही है। आगामी दिनों में राज्यभर में प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाकर 60 कर दी जाएगी। इन 40 प्रयोगशालाओं में रोजाना 7 हजार कोरोना जांच की जा रही है। महाराष्ट्र ने अब तक एक लाख से अधिक कोरोना जांच की है।
केंद्र उपलब्ध कराए मेडिकल उपकरण
देशमुख ने बताया कि जांच की संख्या बढ़ रही है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अधिक परीक्षण किट की आवश्यकता प्रदान की जानी चाहिए। मुंबई, नागपुर, पुणे, नासिक, अमरावती, यवतमाल, सोलापुर सहित कई जिलों के सरकारी अस्पताल सभी आवश्यक मशीनरी से लैस हैं और कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सुसज्जित हैं। कोविड-19 से लड़ने के लिए आवश्यक पीपीई किट और मास्क की संख्या पर्याप्त है लेकिन अभी केंद्र सरकार से अधिक मास्क और किट मिलने की आवश्यकता है। देशमुख ने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है क्योंकि कोविड-19 पर अभी तक कोई वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं हुई है। कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।
बंद न रहें निजी अस्पताल
मुंबई, पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों से शिकायतें आ रही हैं, निजी क्लीनिक बंद हैं। निजी अस्पतालों और दवाखानों से अपील की गई है कि वे अपनी सेवाएं प्रदान करते रहें। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री 24 घंटे काम कर रहे हैं और सभी मंत्रालयों से तालमेल बिठाया गया है। हर स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। देशमुख ने डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, पुलिस, जलापूर्ति विभाग और सफाईकर्मियों सहित उन सभी योद्धाओं का आभार माना है, जो इस संकट में योगदान दे रहे हैं।